समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 28 जुलाई: भारतीय क्रिकेट जगत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली हाल ही में दिए गए अपने एक बयान की वजह से विवादों में घिर गए हैं। एशिया कप 2025 के तहत भारत–पाकिस्तान मैच को लेकर गांगुली की टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर बड़ी तूफानी प्रतिक्रिया उभारी है।
गांगुली ने एएनआई से बातचीत में कहा कि खेलों को रोकना ठीक नहीं, लेकिन साथ ही उन्होंने पहलगाम हमले पर भी बात की। उन्होंने स्पष्ट किया कि “जो हुआ, वह गलत है, आतंकवाद नहीं होना चाहिए। इसे रोका जाना चाहिए। लेकिन खेल चलते रहना चाहिए। भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है।” इस संतुलित फुटबॉल‑क्रिकेट शैली की टिप्पणी को कुछ लोगों ने सहानुभूतिपूर्ण माना, मगर सोशल प्लेटफॉर्म पर कई लोगों ने इसे अनयास भावनाओं के साथ जोड़कर आलोचना की और गांगुली को “अनुचित तुलनात्मक बयानबाजी” के लिए निशाना बनाया।
#WATCH | Kolkata: On India-Pakistan placed in the same group in the Asia Cup, former Indian cricketer Saurav Ganguly says, "I am okay. The sport must go on. At the same time Pahalgam should not happen, but the sport must go on. Terrorism must not happen; it needs to be stopped.… pic.twitter.com/Qrs17KOKrN
— ANI (@ANI) July 27, 2025
कुछ प्रशंसक गांगुली की ओर से खिलाड़ियों और देशवासियों के दर्द को समझकर श्रीमद्भाव व्यक्त करने की कोशिश मानते हैं। लेकिन कई यूज़र अलग — खासतौर से जहां सोशल मीडिया गैलेक्सी में संवेदनशीलता और दूरी का मसला हो — उनकी टिप्पणी को अनुचित मानकर सवाल उठा रहे हैं कि क्या पूर्व कप्तान को इस तरह के राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े स्पर्शक मुद्दों पर बोलना चाहिए?
‘Sports must go on’ – @SGanguly99
I pity on Ganguly , inke ghar se koi fauji hota toh saayad ye kabhi nhi bolte #BoycottAsiaCup https://t.co/ReaDLUVlBI pic.twitter.com/q5ZUb2ukac
— Major Pawan Kumar, Shaurya Chakra (Retd) 🇮🇳 (@major_pawan) July 27, 2025
उनका यह बयान तब आया जब एशिया कप में भारत–पाकिस्तान मैच 14 सितम्बर को ग्रुप स्टेज में तय हो चुका है और उत्सुकता चरम पर है। भारत-पाक मैच भारतीय दर्शकों के लिए भावनात्मक रूप से कॉल करता है, जहाँ हर खिलाड़ी की तैयारी पर नजर रहती है। ऐसे में पूर्व कप्तान द्वारा दिए गए संतुलनपूर्ण संदेश को कुछ इस तरह लिया जा रहा है कि जैसे आतंकवाद और क्रिकेट के बीच किसी एकरूप संबोधन की मांग की जा रही है।
हालांकि गांगुली ने सीधे तौर पर किसी की तुलना नहीं की, लेकिन उनका यह संवाद ‘पेचिदा रवैया’ दर्शाता है, जहाँ खेल की अहमियत बताने के साथ-साथ देश की सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को भी सामान्य स्तर पर प्रस्तुत किया गया — जिसका असर सोशल प्लेटफॉर्म पर तुरंत दिखाई दिया।
इस बीच, ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #GangulyControversy और #StopMixingPoliticsWithCricket जैसे हैशटैग वायरल हो गए। विश्लेषकों का तर्क है कि पूर्व कप्तान का हमेशा से शांत व्यक्तित्व अब सोशल मीडिया की नई संवेदनशीलता के साथ टकराया है। भारत–पाक मैच हर बार दर्शकों को भावुक कर देता है, पर गांगुली के बयान ने कुछ को यह सोचने पर मजबूर किया कि क्या राजनीति या आतंकवाद जैसे मुद्दों को क्रिकेट पर टिप्पणी के साथ जोड़ना ठीक है?
#WATCH | Kolkata: On India-Pakistan placed in the same group in the Asia Cup, former Indian cricketer Saurav Ganguly says, "I am okay. The sport must go on. At the same time Pahalgam should not happen, but the sport must go on. Terrorism must not happen; it needs to be stopped.… pic.twitter.com/Qrs17KOKrN
— ANI (@ANI) July 27, 2025
क्रिकेट जैसे खेल ने हमेशा देश में लोगों को जोड़ा है, लेकिन संवेदनशील मौकों पर खिलाड़ियों और पूर्व खिलाड़ियों का बयान व्यापक दृष्टिकोण से लिया जाता है। सौरव गांगुली का इरादा चाहे संतुलन बनाए रखने का रहा हो, सोशल प्रतिक्रियाओं ने स्पष्ट किया कि भावनात्मक खटास कभी-कभी सार्वजनिक संवाद में उपयुक्तता को भी प्रभावित करती है। गांगुली पर उठ रहे सवाल दर्शाते हैं कि क्रिकेट के मैदान से बाहर की टिप्पणी भी एक पूर्व कप्तान के रूप में उनके मूल्यांकन को प्रभावित कर सकती है।
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