लड़की को भार समझकर अयोग्य वर से विवाह करना महा अपराध है।
सरोज कुमारी
काममामरणात् तिष्ठेत् गृहे कन्यर्तृमत्यपि।
न चैवैनां प्रयच्छेत्तु गुणहीनाय कर्हिचित्।।
।।मनु स्मृति(९/८९)।।
आजकल प्रायः देखा जा रहा है कि लोग संतान सुख चाहते हैं लेकिन पुत्री नहीं चाहते।यदि लड़की हुई तो लड़के की अपेक्षा…