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ab aur bardaasht nahin

महिला हो -अपनी हद में रहो…अब और बर्दाश्त नहीं…!!

जिया मंजरी। महिला सशक्तिकरण के तमाम दावों के बीच एक समाचार को पढ़कर दिल दहल गया। एक 17 साल की बच्ची को घर के तमाम सदस्यों की मौजूदगी में कुछ असामाजिक तत्वों ने गोदी में उठाकर घर की छत से नीचे फेंक दिया।उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। इस…