बांग्लादेश जैसी अराजकता का सपना या हिन्दू विरोध?
पूनम शर्मा
क्या लोकतंत्र में विरोध का अधिकार किसी भी आंदोलन को कानून से ऊपर खड़ा कर देता है? क्या सत्ता परिवर्तन के लिए चुनावी प्रक्रिया के स्थान पर सड़कों के दबाव को प्राथमिकता देना उचित है? और सबसे महत्त्वपूर्ण प्रश्न यह है कि…