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Economy of Pakistan

चिंतन- माल-ए- मुफ्त दिले बेरहम

पार्थसारथि थपलियाल पराई बारात में प्रीति भोज का आनंद लोग अप्रिय ढंग से करते हैं। प्लेट में भर भर कर जमा कर लेंगे, खा नही पाए तो उसे छोड़ दिया दूसरी प्लेट उठा ली। सौ रुपये का लिफाफा अभी देना है। खाना तो सभी टेस्ट करना ही होगा। न…