जीवन में कर्म व व्यवहार का महत्व
*जीवन में कर्म व व्यवहार का महत्व
स्वार्थ : स्वयं की प्रगति, प्रतिष्ठा व प्रसन्नता के लिये किया गया कार्यl यह हमारा स्वयं के प्रति प्रेम व कर्तव्य है, जो हम स्वयं की अपेक्षाओं की पूर्ती हेतु करते है, जिसमे गर्व जैसी कोई बात नहीं होनी…