अच्छा सिला दिया तूने मेरे प्यार का !
पुष्प रंजन
झूठ को सच साबित करने की ज़बरदस्त कला थी इनमें। बूझिये, इनके पेशाब से दिया जलता था । वैसे अमित मालवीय का दिल तोड़ दिया आलाकमान ने। नागपंचमी के दिन इस "अत्यंत ज़हरीले साँप" को क्यों निपटाना तय किया? यह भी विमर्श का विषय है।…