समग्र समाचार सेवा
पटना, 22 अगस्त: बिहार की राजनीति में लगातार उथल-पुथल मचाने वाले राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अब नया बम फोड़ा है। तेज प्रताप ने दावा किया है कि उनके ही नज़दीकी पाँच परिवारों ने मिलकर उनका राजनीतिक करियर बर्बाद करने की साज़िश रची है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर इस “गद्दारी” का खुलासा करने का ऐलान किया।
तेज प्रताप ने लिखा—
“पाँच परिवारों के लोगों ने मिलकर और बड़े पैमाने पर साज़िश रचकर मेरे राजनीतिक जीवन को खत्म करने की कोशिश की। मैं इन पाँचों परिवारों का चेहरा और चरित्र जनता के सामने लाऊँगा और उनकी हर साज़िश का पर्दाफाश करूँगा।”
परिवार और पार्टी से टकराव के बाद बग़ावत
तेज प्रताप यादव का यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ ही दिन पहले उनके पिता और राजद सुप्रीमो लालू यादव ने उन्हें पार्टी और परिवार से निकालने का ऐलान कर दिया था। इस कार्रवाई की वजह एक लड़की अनुष्का यादव के साथ उनकी तस्वीर बताई गई थी, जिसने पार्टी और परिवार में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया।
इसके बाद से तेज प्रताप ने बग़ावत का रुख अपनाते हुए चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी शुरू कर दी है। वे महुआ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुके हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी नई पार्टी “जनशक्ति जनता दल” के पंजीकरण के लिए चुनाव आयोग में आवेदन भी कर दिया है और पाँच पार्टियों के साथ गठबंधन का दावा किया है।
पाँच “जयचंद” कौन हैं?
तेज प्रताप ने जिन पाँच परिवारों पर साज़िश का आरोप लगाया है, उनके नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं किए हैं। हालांकि, उन्होंने इशारों में यह भी कहा कि उनमें से एक परिवार पटना से बाहर भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उनके डर से ऐसा नहीं कर पाया।
इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में कयासों का बाज़ार गर्म हो गया है। क्या यह हमला उनके छोटे भाई और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव की ओर है? यह सवाल लगातार उठ रहा है क्योंकि हाल ही में तेज प्रताप ने राहुल गांधी की “वोट अधिकार यात्रा” को लेकर राहुल गांधी और तेजस्वी यादव दोनों की आलोचना की थी।
“जनता के सामने लाऊँगा सच”
तेज प्रताप यादव अब खुद को एक “धोखा खाए योद्धा” की तरह पेश कर रहे हैं। वे लगातार सोशल मीडिया के ज़रिए अपने समर्थकों से जुड़ रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि वे बिहार की राजनीति में नया विकल्प बनेंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लालू परिवार के भीतर का यह संघर्ष आने वाले विधानसभा चुनावों में राजद की मुश्किलें बढ़ा सकता है। तेज प्रताप का सीधा निशाना परिवार के भीतर उन लोगों पर है, जिन्हें वे “जयचंद” कह रहे हैं।
तेज प्रताप यादव का यह खुलासा बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर चुका है। अगर उन्होंने सचमुच इन पाँच परिवारों के नाम सार्वजनिक कर दिए, तो यह लालू परिवार और राजद की राजनीति में बड़ा भूचाल ला सकता है। सवाल यह है कि क्या तेज प्रताप अपने “जयचंदों” का चेहरा सामने लाएँगे, या यह बयान महज़ चुनावी रणनीति का हिस्सा है?
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