तेजस्वी यादव का पीएम मोदी पर हमला: बोले- एफआईआर से डरने वाला नहीं, ‘जुमला’ कहना अपराध कब से?

समग्र समाचार सेवा
कटिहार/पटना, 23 अगस्त: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ सोशल मीडिया पर किए गए एक विवादास्पद पोस्ट को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव फिर सुर्खियों में हैं। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में दर्ज हुई एफआईआर पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि वह किसी भी मुकदमे या एफआईआर से डरने वाले नहीं हैं। तेजस्वी ने सवाल उठाया कि क्या अब ‘जुमला’ शब्द का इस्तेमाल करना भी अपराध माना जाएगा?

कटिहार में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए तेजस्वी ने कहा—
हम सच बोलते हैं और किसी एफआईआर से नहीं डरते। भाजपा सच्चाई से भयभीत है। क्या ‘जुमला’ कहना भी अब अपराध बन गया है?

एफआईआर का विवरण

गढ़चिरौली पुलिस ने भाजपा विधायक मिलिंद रामजी नरोटे की शिकायत पर तेजस्वी यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। शिकायत में आरोप है कि तेजस्वी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की।

एफआईआर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196(1)(ए)(बी), 356(2)(3), 352 और 353(2) के तहत दर्ज की गई है। यह पोस्ट प्रधानमंत्री मोदी की गया यात्रा के दौरान किए गए उद्घाटन और शिलान्यास कार्यक्रमों से संबंधित बताई गई है। पीएम मोदी ने हाल ही में 13,000 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया था।

राजद की प्रतिक्रिया

राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि विपक्ष के नेताओं पर मुकदमे दर्ज करना भाजपा की पुरानी रणनीति है। उन्होंने सवाल किया—
“क्या चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ दिए गए नफरत भरे भाषणों पर कोई कार्रवाई की है? विपक्ष पर कार्रवाई तुरंत होती है, लेकिन सरकार से सवाल पूछने पर मुकदमे दर्ज किए जाते हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि जब सरकार जनता के गुस्से से डरती है, तो अदालत और पुलिस का सहारा लेती है। लेकिन राजद और तेजस्वी इससे घबराने वाले नहीं हैं।

आरजेडी नेताओं का पलटवार

राजद नेता संजय यादव ने भाजपा को घेरते हुए कहा—
“तेजस्वी यादव ने आखिर ऐसा कौन-सा शब्द कह दिया? हर नागरिक के खाते में 15 लाख रुपये डालने का वादा किसने किया? हर साल 2 करोड़ नौकरियां देने का वादा किसने किया? बिहार को विशेष पैकेज और दर्जा देने का वादा किसने किया? अगर इन वादों की याद दिलाने पर एफआईआर दर्ज हो रही है, तो यह लोकतंत्र पर हमला है।”

भाजपा का रुख

भाजपा विधायक मिलिंद रामजी नरोटे ने अपनी शिकायत में कहा कि तेजस्वी यादव का यह बयान प्रधानमंत्री पद की गरिमा को ठेस पहुँचाता है और समाज में असंतोष फैलाने वाला है। भाजपा का कहना है कि विपक्ष लगातार अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर प्रधानमंत्री को निशाना बना रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

तेजस्वी यादव और भाजपा के बीच यह विवाद आने वाले दिनों में और गर्मा सकता है। बिहार और महाराष्ट्र दोनों राज्यों की राजनीति पर इसका असर पड़ना तय है। फिलहाल तेजस्वी यादव ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी एफआईआर से डरने वाले नहीं हैं और अपनी राजनीति को और आक्रामक ढंग से आगे बढ़ाएंगे।

 

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