तेजस्वी यादव का BJP पर वार: ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ से हिल गया NDA, सत्ता में वापसी असंभव

समग्र समाचार सेवा
पटना, 30 अगस्त: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि चल रही ‘मतदाता अधिकार यात्रा’ ने सत्तारूढ़ गठबंधन को हिला दिया है।

तेजस्वी यादव ने एक समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा,
“भाजपा इस यात्रा से डरी हुई है। वे हमारी हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं और हर संभव प्रयास कर रहे हैं। लेकिन चाहे जितनी कोशिश कर लें, बिहार में सत्ता में वापसी अब असंभव है।”

मतदाता अधिकार यात्रा का समापन

यह यात्रा कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और महागठबंधन के अन्य नेताओं के नेतृत्व में हो रही है। इसका समापन 1 सितंबर को पटना में एक बड़े मार्च के साथ होना है। हालांकि, प्रशासन ने इस रैली की अनुमति नहीं दी है, इसलिए अब यात्रा का समापन विभिन्न स्थानों पर विरोध प्रदर्शनों और नेताओं के संबोधनों के जरिए होगा।

तेजस्वी यादव ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हिंसा कोई नई बात नहीं है। उन्होंने पटना में कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा –
“ये लोग हमेशा से हिंसक रहे हैं। देश इनके असली चरित्र को जानता है।”

अखिलेश यादव का समर्थन

शनिवार को समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव भी बिहार के सारण में इस यात्रा के अंतिम चरण में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव के साथ शामिल हुए।

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पर लिखा –
“अखिलेश यादव का इस ऐतिहासिक आंदोलन में स्वागत है। वह भाजपा द्वारा लोकतंत्र के विनाश के खिलाफ हमारी लड़ाई में एक मजबूत सहयोगी रहे हैं।”

भाजपा और चुनाव आयोग पर आरोप

इस बीच, समाजवादी पार्टी और राजद दोनों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग अब भाजपा का “जुगाड़ आयोग” बन चुका है। उन्होंने कहा कि भाजपा कथित तौर पर मतदाता सूची में हेरफेर कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश कर रही है।

वहीं भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह यात्रा केवल “राजनीतिक नौटंकी” है। भाजपा नेताओं का कहना है कि जनता विपक्षी दलों की इस “ड्रामेबाजी” को अच्छी तरह समझ चुकी है और 2025 के चुनावों में भाजपा की ही जीत होगी।

‘मतदाता अधिकार यात्रा’ का असर बिहार की राजनीति पर साफ दिख रहा है। तेजस्वी यादव, राहुल गांधी और अखिलेश यादव के एक साथ मंच पर आने से विपक्षी एकजुटता का संदेश गया है। दूसरी ओर, भाजपा इस अभियान को केवल “राजनीतिक स्टंट” बता रही है।

अब देखना होगा कि 1 सितंबर को पटना में होने वाला विरोध प्रदर्शन और यात्रा का समापन बिहार की चुनावी राजनीति को किस दिशा में मोड़ता है।

 

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