रेवंत रेड्डी का बड़ा ऐलान—तेलंगाना को 3 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने रखा वर्ष 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
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100 एकड़ के भारत फ़्यूचर सिटी कैंपस में वैश्विक निवेशकों और नीति-निर्माताओं का जमावड़ा
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44 देशों के प्रतिनिधियों सहित 154 अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों ने की उपस्थिति
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सीएम रेवंत रेड्डी ने 2034 तक 1 ट्रिलियन और 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर वाली अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा
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समिट में ग्रीन मोबिलिटी, सेमीकंडक्टर्स, शिक्षा एवं शहरी विकास पर विशेष सत्र
समग्र समाचार सेवा
हैदराबाद, 9 दिसंबर: तेलंगाना सरकार की महत्वाकांक्षी पहल तेलंगाना राइजिंग वैश्विक सम्मेलन 2025 का शुभारंभ सोमवार को हैदराबाद के कंदूकुर (रंगारेड्डी) स्थित भारत भविष्य नगरी में हुआ। 100 एकड़ के इस अत्याधुनिक परिसर में दुनिया भर से आए राजनीतिक नेताओं, नीति-निर्माताओं, उद्योगपतियों और नवप्रवर्तकों ने उपस्थिति दर्ज कराई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने उद्घाटन किया। इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी खंड का निरीक्षण किया और तेलंगाना तल्लि की प्रतिमा का अनावरण किया, जो राज्य की सांस्कृतिक पहचान और जनआकांक्षाओं का प्रतीक है।
अधिकारियों के अनुसार सम्मेलन में 44 देशों के प्रतिनिधि, 154 विदेशी प्रतिभागी, तथा करीब 2,000 अतिथि उपस्थित रहे। कोरिया गणराज्य, विश्व बैंक, अमेज़न, आईकेए जैसी प्रमुख संस्थाओं और कंपनियों ने भी भागीदारी की।
विशिष्ट वक्ताओं में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी, नोबेल अर्थशास्त्री अभिजीत बनर्जी, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और अभिनेता नागार्जुन अक्किनेनी शामिल रहे।

मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का विकास दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में तेलंगाना को वर्ष 2034 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तथा वर्ष 2047 तक 3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का विस्तृत मार्गचित्र प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना की प्रगति गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के संवैधानिक मूल्यों — समावेश, सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक आदर्श — पर आधारित है।
उन्होंने बताया कि तेलंगाना देश की आबादी में केवल 2.9 प्रतिशत हिस्सा रखता है, जबकि राष्ट्रीय सकल उत्पादन में लगभग 5 प्रतिशत योगदान देता है। लक्ष्य है कि वर्ष 2047 तक यह योगदान 10 प्रतिशत हो।

मुख्यमंत्री ने आर्थिक क्षेत्रीय मॉडल CURE–PURE–RARE प्रस्तुत किया —
- CURE (मुख्य शहरी क्षेत्र अर्थव्यवस्था) – सेवाएँ और शहरी उद्योग
- PURE (आस-पास शहरी क्षेत्र अर्थव्यवस्था) – उत्पादन और औद्योगिक गलियारे
- RARE (ग्रामीण कृषि क्षेत्र अर्थव्यवस्था) – कृषि और उससे जुड़े क्षेत्र
उन्होंने चीन, जापान, जर्मनी, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर के विकास अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि तेलंगाना अब विश्व की प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं के समकक्ष आगे बढ़ने को तैयार है।
उन्होंने कहा,
“यदि कोई कार्य कठिन है तो हम उसे तुरंत करेंगे, और यदि असंभव दिखे तो थोड़े समय के बाद भी उसे अवश्य पूरा करेंगे।”

राष्ट्रीय नेतृत्व का संदेश
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर सम्मेलन की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने इसे तेलंगाना 2047 के समावेशी विकास और वैश्विक सहयोग का प्रतीक बताया।
- सम्मेलन के मुख्य विषय
- हरित परिवहन
- वैश्विक शिक्षा केंद्र के रूप में तेलंगाना
- अर्धचालक और अग्रिम प्रौद्योगिकियाँ
- शहरी आधारभूत ढाँचा और सतत विकास
- उभरती उत्पादन इकाइयाँ
सम्मेलन का दूसरा दिन नीतिगत संवाद, निवेश चर्चा और विभिन्न क्षेत्रों के विकास मार्गचित्र पर केंद्रित रहेगा।
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