समग्र समाचार सेवा
टोक्यो/नई दिल्ली, 29 अगस्त: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को भारत-जापान संयुक्त आर्थिक मंच को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज विदेशी निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि भारत में आने वाला पूंजी निवेश सिर्फ बढ़ता नहीं है, बल्कि “कई गुना बढ़कर” लौटता है।
मोदी ने जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (JETRO) की हालिया रिपोर्ट का हवाला दिया। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में काम कर रहीं लगभग 80 प्रतिशत कंपनियां अपना विस्तार करना चाहती हैं और 75 प्रतिशत कंपनियां यहां मुनाफा कमा रही हैं।
भारत का सुधार और प्रगति मॉडल
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की सोच “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” की है। उन्होंने जीएसटी, ईज ऑफ डुइंग बिज़नेस और निवेश नीतियों में लाए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता है।
उन्होंने कहा, “आज भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है। और बहुत जल्द, भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है।”
#WATCH | At India-Japan Economic Forum in Tokyo, PM Modi says, "Japan’s excellence and India’s scale can create a perfect partnership…"
(Video source: DD) pic.twitter.com/Js5cjRGHvS
— ANI (@ANI) August 29, 2025
भारत-जापान साझेदारी
पीएम मोदी ने कहा कि जापान हमेशा से भारत का अहम साझेदार रहा है। मेट्रो प्रोजेक्ट से लेकर उत्पादन, सेमीकंडक्टर से लेकर स्टार्टअप्स तक, दोनों देशों की साझेदारी आपसी विश्वास का प्रतीक बन चुकी है।
अब तक जापानी कंपनियों ने भारत में 40 अरब डॉलर से ज्यादा का निवेश किया है। मोदी ने कहा, “जापान टेक्नोलॉजी का पावरहाउस है और भारत टैलेंट का पावरहाउस है। टेक्नोलॉजी और टैलेंट ही दुनिया का नेतृत्व कर सकते हैं।”
भारतीय समुदाय और संस्कृति का जश्न
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने टोक्यो में भारतीय समुदाय से मुलाकात की। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें साझा करते हुए जापानी भाषा में भारतीय समुदाय को भव्य स्वागत के लिए धन्यवाद दिया।
इस दौरान प्रवासी भारतीयों ने मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। एक प्रवासी महिला ने कहा, “10 साल पहले हमें राजनीति में रुचि नहीं रही थी, लेकिन मोदी जी की नीतियों ने हमें फिर से राजनीति से जोड़ दिया है।”
कार्यक्रम में तबला वादन कर रहे एक जापानी नागरिक ने कहा कि वह पिछले 30 वर्षों से भारत आते-जाते रहे हैं और बनारस में पंडित लक्ष्मी महाराज से तबला सीख चुके हैं। उन्होंने कहा कि मोदी जैसे विश्व नेता के सामने प्रस्तुति देना उनके लिए जीवन का सबसे यादगार क्षण है।
निवेशकों का भरोसा और भविष्य की दिशा
विशेषज्ञ मानते हैं कि मोदी का यह संबोधन भारत में निवेशकों के लिए एक मजबूत संदेश है कि यहां पारदर्शी नीतियां, स्थिरता और अपार संभावनाएं मौजूद हैं। जापानी निवेश के और बढ़ने से भारत के बुनियादी ढांचे, विनिर्माण और स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री मोदी का टोक्यो में दिया गया यह संदेश साफ करता है कि भारत आने वाले वर्षों में वैश्विक निवेश और आर्थिक सहयोग का केंद्र बनने जा रहा है। भारत-जापान साझेदारी “टेक्नोलॉजी और टैलेंट” के मेल से नए युग का निर्माण कर सकती है।
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