समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,9फरवरी।
राज्यसभा में चार सांसदों के कार्यकाल पूरा हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में विदाई के समय स्पीच दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष के नेता नुलाम नबी आजाद के एक फोन कॉल को याद करते हुए भावुक हुए। उन्होंने एक आतंकी घटना को याद करते हुए बोल रहे थे तभी भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू आ गए। बता दें कि गुलाम नबी आजाद, शमशेर सिंह, मीर मोहम्मद फैयाज और नादिर अहमद का राज्य सभा में कार्यकाल पूरा हो रहा है।
पीएम मोदी यहां राज्यसभा से कहा कि जब गुलाम नबी आजाद जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री थे तब वह खुद गुजरात के सीएम थे और दोनों में काफी निकटता थी। मोदी ने एक घटना को याद करते हुए कहा कि गुजरात के यात्रियों पर आतंकियों ने वहां हमला कर दिया था। इसमें 8 लोगों की मौत हो गई थी। तब सबसे पहले आजाद का उनको फोन आया था।
The person who will replace Ghulam Nabi ji (as Leader of Opposition) will have difficulty matching his work because he was not only concerned about his party but also about the country and the House: PM Modi during farewell to retiring members in Rajya Sabha pic.twitter.com/bVE3Cnddl2
— ANI (@ANI) February 9, 2021
आगे पीएम मोदी ने कहा कि वह फोन सिर्फ सूचना देने का नहीं था। उसमें आजाद के आसूं भी रुक नहीं रहे थे। पीएम ने कहा कि उस समय प्रणब मुखर्जी जी रक्षा मंत्री थे। मैंने उनसे कहा कि अगर मृतक शरीरों को लाने के लिए सेना का हवाई जहाज मिल जाए तो उन्होंने कहा कि चिंता मत करिए मैं करता हूं व्यवस्था। फिर रात में फिर आजाद का फोन आया था उस वक्त वह एयरपोर्ट पर थे। पीएम ने बताया कि उस रात आजाद ने एयरपोर्ट से फोन किया और जैसे अपने परिवार के सदस्यों की चिंता की जाती है, वैसी चिंता आजाद कर रहे थे।
पीएम मोदी ने आखिर में कहा, ‘उन्होंने मुझे फोन किया और अपने परिवार के सदस्य की तरह चिंता की। मेरे लिए वो बड़ा भावुक पल था। एक मित्र के रूप में गुलाम नबी जी का मैं घटनाओं और अनुभव के आधार पर आदर करता हूं।’
पीएम मोदी ने कहा, ‘मुझे चिंता इस बात की है कि गुलाम नबी के बाद जो भी इस पद को संभालेंगे, उनको गुलाम नबी जी से मैच करने में बहुत दिक्कत पड़ेगी। क्योंकि गुलाम नबी अपने दल की चिंता करते थे, लेकिन देश और सदन की भी उतनी ही चिंता करते थे।
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