समग्र समाचार सेवा
तेहरान, 12 जुलाई: ईरान और अमेरिका के बीच रिश्तों में एक बार फिर उबाल आ गया है। ताजा विवाद की वजह बना है ईरान के टॉप अफसर का वह बयान, जिसमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर खुलेआम ड्रोन हमले की धमकी दी गई है। इस बयान ने न सिर्फ वॉशिंगटन बल्कि पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है।
ट्रंप पर ड्रोन अटैक का इशारा
ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के पूर्व वरिष्ठ सलाहकार मुहम्मद जवाद लारीजानी ने हाल ही में एक स्थानीय चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप को ईरानी ड्रोन मार-आ-लागो रिजॉर्ट में निशाना बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब ट्रंप फ्लोरिडा के रिजॉर्ट में आराम कर रहे होंगे और उनका पेट आसमान की तरफ होगा, तब उनकी नाभि पर ड्रोन हमला कर सकता है। उनके इस बयान के बाद अमेरिका की इंटेलिजेंस एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं।
न्यूक्लियर प्लांट हमलों के बाद बढ़ा तनाव
दरअसल, इस धमकी की वजह अमेरिका द्वारा ईरान के तीन महत्वपूर्ण न्यूक्लियर प्लांट्स—फोर्डो, नातांज और इस्फहान—पर हाल ही में किया गया हमला बताया जा रहा है। अमेरिका की इस कार्रवाई के जवाब में ईरान ने साफ संकेत दिए हैं कि वह पलटवार करने से पीछे नहीं हटेगा। ट्रंप ने खुद बयान दिया है कि उन्हें पता है यह महज धमकी नहीं है बल्कि सच्चाई भी हो सकती है।
खुदा के दुश्मन करार
ईरान के बड़े शिया धर्मगुरु अयातुल्ला मकरेम शिराजी ने भी ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को “खुदा का दुश्मन” करार देते हुए उनके खिलाफ फतवा जारी कर दिया है। इसके बाद दोनों नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रंप के फ्लोरिडा रिजॉर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को दोगुना कर दिया है।
कतर एयरबेस पर मिसाइल हमला
23 जून को ईरान ने अमेरिका के समर्थन वाले कतर के अल उदैद एयरबेस पर मिसाइल अटैक कर दिया। इस हमले में एयरबेस का जियोडेसिक डोम पूरी तरह तबाह हो गया। यह डोम संचार के लिए हाई-टेक तकनीक से लैस होता है और इसकी पुष्टि सैटेलाइट इमेज में भी हुई है। हालांकि, अभी तक अमेरिका और कतर सरकार की ओर से इस हमले को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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