यूक्रेन ने रूस समर्थक विद्रोहियों पर बरसाए बम! अमेरिका ने दी चेतावनी

समग्र समाचार सेवा

कीव/मास्‍को, 17 फरवरी। रूस और यूक्रेन के बीच जारी तनाव  में अब नया मोड़ आता दिख रहा है। रूस की मीडिया ने दावा किया है कि पूर्वी यूक्रेन में विद्रोहियों पर यूक्रेन की सेना ने ग्रेनेड और मोर्टार से हमले किए हैं जो समझौतों का उल्‍लंघन है। माना जाता है कि ये विद्रोही रूस समर्थक हैं। उधर, अमेरिका के राष्‍ट्रपति कार्यालय वाइट हाउस ने चेतावनी दी है कि रूस कभी भी यूक्रेन पर हमला कर सकता है।

चार जगहों पर मोर्टार गोले और ग्रेनेड से हमले का दावा

रूस की स्‍पुतनिक समाचार वेबसाइट के मुताबिक यूक्रेन की सेना ने देश के पूर्वी इलाके में स्थित स्‍वघोषित लुगांस्‍क पीपुल्‍स रिपब्लिक में गुरुवार को चार जगहों पर मोर्टार गोले और ग्रेनेड से हमला किया है। इस कथित रिपब्लिक के एक अधिकारी ने कहा, ‘यूक्रेन की सेना ने मिंस्‍क समझौते का उल्‍लंघन करते हुए सीजफायर का उल्‍लंघन किया है और हथियारों का इस्‍तेमाल किया है। ‘ फरवरी 2015 में हुए इस समझौते में रूस समर्थक विद्रोही गुटों और यूक्रेन की सरकार के बीच सीजफायर हुआ था। इसके तहत सेना की वापसी, आर्थिक रिश्‍तों की शुरुआत, यू्क्रेन में संवैधानिक सुधार आदि पर सहमति बनी थी।

रूस कभी भी कर सकता है यूक्रेन पर हमला

रूसी मीडिया का यह दावा अगर सही है तो दोनों देशों के बीच पहले से चला आ रहा तनाव और भड़क सकता है। इससे पहले रूसी राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने जोर देकर कहा था कि मिंस्‍क समझौता ही पूर्वी यूक्रेन में विवाद की समाप्ति का एकमात्र संभावित हल है। रूसी मीडिया का दावा है कि यूक्रेन इस समझौते को पूरा नहीं करना चाहता है। पुतिन का कहना है कि यूक्रेन विवाद को सुलझाने के लिए हो रही वार्ता से पीछे हट रहा है। इसी को देखते हुए नाटो रूस की सीमा के पास हथियार जमा कर रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्‍ट्रपति कार्यालय ने चेतावनी दी है कि रूस कभी भी यूक्रेन पर हमला कर सकता है।

रूस के खिलाफ एकजुटता का संदेश दे रहा अमेरिका

राष्‍ट्रपति जो बाइडन ने उपराष्‍ट्रपति कमला हैरिस और विदेश मंत्री को म्‍यूनिख में हो रहे सम्‍मेलन में हिस्‍सा लेने के लिए कहा है ताकि दुनियाभर के नेताओं को रूस के खिलाफ एकजुट किया जा सके। वाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन पास्‍की ने आशंका जताई कि यह रूसी हमला कभी भी हो सकता है। पास्‍की ने कहा, ‘हम ऐसे मौके पर पहुंच गए हैं जब हम मानते हैं कि कभी भी हमला हो सकता है। यह हमला रूस बहाना बनाकर यूक्रेन के खिलाफ कर सकता है।’ उन्‍होंने कहा कि रूस ने इससे पहले भी बहाना बनाकर हमला किया था। इसमें दोनबास इलाके में उकसावे, सरकारी मीडिया की झूठी खबरों के आधार पर कार्रवाई शामिल है।

रूस ने कम से कम 7,000 और बलों को तैनात किया

वाइट हाउस की प्रवक्‍ता ने कहा कि सभी को अपनी आंखें खुली रखनी चाहिए और फर्जी वीडियो और रासायनिक हथियारों के इस्‍तेमाल के प्रति सतर्क रहना चाहिए। इससे पहले यूक्रेन ने रूस के बढ़ते दबाव के बीच बुधवार को झंडा लहराकर राष्ट्रीय एकता का प्रदर्शन किया, जबकि अमेरिका ने कहा कि रूस ने यूक्रेन की सीमा से बलों की वापसी की अपनी घोषणा के विपरीत क्षेत्र में कम से कम 7,000 और बलों को तैनात किया है। यूक्रेन पर रूस के हमले की आशंका अभी तक हकीकत में नहीं बदली है, लेकिन अमेरिका और उसके सहयोगियों का कहना है कि इसकी आशंका अब भी उतनी ही अधिक बनी हुई है।

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