समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 21 जुलाई: उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण के बढ़ते मामलों ने प्रदेश ही नहीं, पूरे देश को चिंतित कर दिया है। इस संवेदनशील मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए लखनऊ की सरोजिनी नगर सीट से भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर धर्मांतरण पर सख्त और प्रभावी कानून बनाए जाने की मांग की है।
धर्मांतरण केवल सामाजिक नहीं, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा
राजेश्वर सिंह ने अपने पत्र में जोर देकर कहा कि धर्मांतरण भारत की सभ्यता और सामाजिक सद्भावना के लिए एक बड़ा खतरा बन चुका है। उन्होंने इसे न केवल धार्मिक या सामाजिक संकट बताया, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा और सांस्कृतिक अस्तित्व के खिलाफ एक संगठित साजिश करार दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि कट्टरपंथी ताकतें, धोखे, लालच और धोखाधड़ी के जरिए धर्मांतरण का सहारा ले रही हैं और इससे भारत की सांस्कृतिक पहचान को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है
आदिवासी और गरीब लड़कियों को बनाया जा रहा है निशाना
राजेश्वर सिंह ने यह स्पष्ट किया कि धर्मांतरण की आड़ में सबसे ज्यादा निशाना गरीब, अनुसूचित जाति और आदिवासी समुदाय की लड़कियों को बनाया जा रहा है। उन्होंने चेताया कि यह केवल धर्म परिवर्तन नहीं बल्कि एक संगठित, वित्तपोषित और वैचारिक रूप से प्रेरित हमला है, जो देश की बेटियों की गरिमा और सुरक्षा पर सीधा प्रहार करता है।
उन्होंने यह भी बताया कि दान, विवाह और समाज सेवा की आड़ में इन बेटियों को धर्मांतरण के जाल में फंसाया जा रहा है और अंतर्राज्यीय गिरोह इस कृत्य को अंजाम दे रहे हैं।
योगी सरकार की कार्रवाई और केंद्र से राष्ट्रीय कानून की आवश्यकता
राजेश्वर सिंह ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की तत्परता की सराहना करते हुए कहा कि राज्य स्तर पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है, लेकिन इस समस्या का स्थायी समाधान राष्ट्रीय स्तर पर कानून बनाने से ही संभव है।
उन्होंने अपने पत्र में यह अपील की है कि केंद्र सरकार ऐसा सशक्त और पारदर्शी कानून लाए जिससे देश के हर कोने में धर्मांतरण के इस गहरे जाल को तोड़ा जा सके। उनके अनुसार, एक राष्ट्रीय कानून भारत की सामाजिक-सांस्कृतिक एकता को मजबूत करेगा और देश की बेटियों को संरक्षण प्रदान करेगा।
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