वैष्णो देवी मार्ग पर भूस्खलन: मृतकों की संख्या 32, बचाव कार्य तेज

समग्र समाचार सेवा
कटरा/जम्मू, 27 अगस्त: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में स्थित वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर मंगलवार को हुए भीषण भूस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। यह हादसा दोपहर को उस समय हुआ जब लगातार बारिश के कारण त्रिकुटा पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा नीचे गिर पड़ा।

घायल और राहत कार्य

अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में अब तक 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मंगलवार दोपहर लगभग 3 बजे के आसपास पहाड़ी का बड़ा हिस्सा ढहने के बाद तीर्थयात्रा तत्काल रोक दी गई।
एनडीआरएफ, पुलिस, जिला प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवक राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं। अब तक कई श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला गया है।

जम्मू में लगातार बारिश का असर

जम्मू क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से मानसूनी बारिश ने तबाही मचा रखी है। नदियाँ उफान पर हैं और जगह-जगह भूस्खलन हो रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मंगलवार सुबह 11:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक लगभग 22 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। देर रात बारिश में कमी आई, लेकिन इससे पहले ही मंदिर मार्ग पर एक और भूस्खलन हुआ, जिसमें 9 और लोगों की जान चली गई।

मुख्यमंत्री का बयान

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना पर गहरा शोक जताया और कहा कि राज्य सरकार हर संभव मदद कर रही है। उन्होंने बताया कि भारी बारिश के कारण संचार और दूरसंचार सेवाएँ बुरी तरह प्रभावित हुई हैं।

निवासियों की निकासी और राहत कार्य

लगातार बारिश और भूस्खलन से बाढ़ और जलभराव की स्थिति भी उत्पन्न हो गई है। अब तक 3,500 से अधिक निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है।
प्रशासन ने राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहाँ प्रभावित लोगों को भोजन और स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मौसम की चेतावनी और स्कूल बंद

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। एहतियात के तौर पर सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 27 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया गया है।

ट्रेन सेवाएँ प्रभावित

भारी बारिश और भूस्खलन का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है।
उत्तर रेलवे ने जम्मू और कटरा स्टेशनों पर 22 ट्रेनें रद्द कर दी हैं। इसके अलावा पठानकोट और कंदरोरी के बीच ट्रेन सेवाएँ अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं।वैष्णो देवी मार्ग पर हुआ यह हादसा तीर्थयात्रा के लिए आए श्रद्धालुओं के लिए बेहद दर्दनाक साबित हुआ है। राज्य सरकार और प्रशासन लगातार राहत कार्य में जुटे हुए हैं, लेकिन खराब मौसम अब भी बड़ी चुनौती बना हुआ है।

 

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