अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमले: विहिप ने जताई चिंता

अमेरिका में लगातार हो रहे हिंदू मंदिरों पर हमलों और शिकागो के पास फायरिंग की विफल साजिश को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने कड़ा विरोध जताया है।

  • शिकागो मंदिर पर फायरिंग की साजिश: इलिनॉय के ऑरोरा स्थित बालाजी मंदिर पर सामूहिक गोलीबारी की साजिश रचने वाला संदिग्ध गिरफ्तार।
  • विहिप ने उठाए सवाल: VHP प्रवक्ता विनोद बंसल ने अमेरिका में हिंदू विरोधी घृणा और मंदिरों में तोड़फोड़ पर अमेरिकी प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की।
  • अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से अपील: विहिप ने USCIRF, संयुक्त राष्ट्र (UN) और UNHRC से अमेरिका में हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 16 अक्तूबर: संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) में हिंदू समुदाय, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों को निशाना बनाकर की जा रही हिंसक घटनाओं पर विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। स्वामी विवेकानंद की ऐतिहासिक भाषण स्थली शिकागो महानगर क्षेत्र के निकट इलिनॉय (ऑरोरा) में स्थित बालाजी मंदिर को निशाना बनाकर रची गई सामूहिक गोलीबारी (Mass Shooting) की साजिश सामने आने के बाद विहिप ने अमेरिकी प्रशासन और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की चुप्पी पर सवाल खड़े किए हैं। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि यह केवल तोड़फोड़ का मामला नहीं है, बल्कि नस्लवादी घृणा से प्रेरित सामूहिक नरसंहार का एक विफल और खतरनाक प्रयास है।

शिकागो के निकट मंदिर पर सामूहिक हमले का विफल प्रयास

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इलिनॉय राज्य के ऑरोरा में स्थित बालाजी मंदिर में 11 अक्टूबर 2026 को एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस ने 19 वर्षीय संदिग्ध एलेक्ज़ेंड्रोस पापोराकिस को गिरफ्तार किया है, जो मंदिर में मौजूद हिंदू श्रद्धालुओं पर सामूहिक गोलीबारी करने के इरादे से पहुँचा था। जाँच अधिकारियों को आरोपी के पास से आधुनिक हथियार, गोला-बारूद और श्वेत वर्चस्ववादी (White Supremacist) तथा नस्लवादी विचारधारा से जुड़ी पठन सामग्री मिली है।

बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के सामूहिक नरसंहार का यह खौफनाक प्रयास हथियार में अंतिम समय पर आई अचानक तकनीकी खराबी के कारण विफल हो गया। विहिप ने इसे भगवान हनुमान जी की कृपा बताते हुए कहा कि यदि हथियार न अटकता तो एक बड़ी त्रासदी हो सकती थी।

अमेरिका में हिंदू मंदिरों पर हमलों का लंबा इतिहास

विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता विनोद बंसल ने पिछले कुछ वर्षों में अमेरिका के विभिन्न राज्यों में हिंदू धार्मिक स्थलों पर हुए श्रृंखलाबद्ध हमलों का ब्योरा साझा करते हुए कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। अमेरिका में हिंदू समुदाय को सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है:

अगस्त 2022 (न्यूयॉर्क): श्री तुलसी मंदिर के बाहर स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किया गया।

दिसंबर 2023 (कैलिफ़ोर्निया): न्यूआर्क में श्री स्वामीनारायण मंदिर की दीवारों पर भारत-विरोधी और खालिस्तान समर्थक घृणास्पद नारे लिखे गए।

सितंबर 2024 (न्यूयॉर्क व कैलिफ़ोर्निया): मेलविल के BAPS श्री स्वामीनारायण मंदिर तथा सैक्रामेंटो क्षेत्र के मंदिर पर असामाजिक तत्वों द्वारा आपत्तिजनक संदेश लिखे गए और तोड़फोड़ की गई।

मार्च 2025 (चिनो हिल्स, कैलिफ़ोर्निया): BAPS मंदिर परिसर में भारत-विरोधी और हिंदू-विरोधी पेंटिंग की गई।

जून 2025 (यूटा): स्पैनिश फोर्क स्थित श्री श्री राधा कृष्ण मंदिर पर लगातार कई दिनों तक बंदूक से गोलियां चलाई गईं, जिससे मंदिर की संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचा।

अगस्त 2025 (इंडियाना): ग्रीनवुड में BAPS मंदिर के साइनबोर्ड को घृणास्पद नारों से क्षतिग्रस्त किया गया।

जनवरी 2026 (नॉर्थ कैरोलाइना): कैरी स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्थापित प्रतिमा को खंडित किया गया।

अक्टूबर 2026 (ओहायो): रिचमंड हाइट्स के श्री स्वामीनारायण वडताल धाम मंदिर की खिड़कियों पर ईंटें फेंकी गईं, जबकि उस समय अंदर पुजारी और श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर रहे थे।

विहिप ने अमेरिकी प्रशासन और UN से की यह मांग

विनोद बंसल ने कहा कि अमेरिका में धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की बात करने वाले वैश्विक मंचों की दोहरी नीति अब उजागर हो चुकी है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता पर अमेरिकी आयोग (USCIRF), संयुक्त राष्ट्र (UN) और संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) से अपील की है कि वे अमेरिका में हो रही हिंदू-विरोधी हिंसा (Hinduphobia) का स्वतः संज्ञान लें।

विहिप ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रशासन से मांग की है कि वह अमेरिका भर में हिंदुओं और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए ‘जीरो टॉलरेंस पॉलिसी’ (Zero Tolerance Policy) लागू करे। सभी मामलों में निष्पक्ष जाँच कर दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाए।

भारतीय विदेश मंत्रालय की तत्परता और विपक्ष पर सवाल

विहिप प्रवक्ता ने इस पूरे घटनाक्रम में भारत सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA India) द्वारा उठाए गए त्वरित कूटनीतिक कदमों और चिंता जताने के रुख की सराहना की। हालांकि, उन्होंने भारत के विपक्षी राजनीतिक दलों की इस मुद्दे पर चुप्पी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश का विपक्ष विदेश में भारतीयों और हिंदू मंदिरों पर हो रहे घृणित हमलों पर चुप्पी साधे बैठा है, जो अत्यंत दुखद और संदेहास्पद है।

विहिप ने यह स्पष्ट किया कि स्वामी विवेकानंद द्वारा शिकागो से दिए गए विश्व बंधुत्व और सार्वभौमिक सद्भाव के संदेश को अक्षुण्ण रखने के लिए अमेरिका और पश्चिमी देशों को हिंदू-विरोधी हिंसा के खिलाफ तत्काल ठोस कानूनी और प्रशासनिक कदम उठाने होंगे।

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