समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 13जुलाई। उतर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बनाए गयी ‘जनसंख्या नीति 2021-30‘ नीति को लेकर विश्व हिंदू परिषद ने सलाह दी है कि ड्राफ्ट में जो एक बच्चे का नियम बनाया गया है, उस पर विचार किया जाए और उसे बदला जाए। कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने इस मामले में उत्तर प्रदेश लॉ कमिशन को पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि बिल में शामिल एक बच्चे की नीति भविष्य में नकारात्मक प्रभाव पैदा कर सकती है। उन्होंने ये भी कहा कि इस कानून को बदलना चाहिए।वीएचपी की ओर से लिखे गए पत्र में कहा गया है कि दो बच्चों वाली नीति जनसंख्या नियंत्रण की ओर ले जाती है लेकिन दो से कम बच्चे आने वाले समय में नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
कार्यकारी अध्यक्ष ने आगे कहा कि वन चाइल्ड पॉलिसी से समाज में आबादी का असंतुलन पैदा होगा। समाज पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। माना जा रहा है कि वन चाइल्ड पॉलिसी में लोग बेटों को प्राथमिकता देने लगेंगे और बेटियों की संख्या और कम होने लगेगी।
सोमवार को वीएचपी की ओर से लिखित में विधि आयोग को आपत्ति सौंपी जा सकती है। इसमें बिल के ड्राफ्ट से एक बच्चे वाले लोगों को इंसेंटिव देने का प्रावधान हटाने की मांग की जाएगी। विश्व हिंदू परिषद के अलावा भी लैंगिक और जनस्वास्थ्य के एक्सपर्ट्स ने सरकार की ओर से तैयार विधेयक पर सवाल उठाए हैं। पॉप्युलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया की एग्जीक्युटिव डायरेक्टर पूनम मुतरेजा ने कहा कि देश या दुनिया का कोई भी डेटा यह नहीं कहा है कि भारत या फिर यूपी में जनसंख्या विस्फोट हो रहा है।
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