समग्र समाचार सेवा
गुवाहाटी, 6 सितंबर: पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज और विपक्ष के समर्थन से उप राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार बी सुदर्शन रेड्डी ने शुक्रवार को भरोसा जताया कि उन्हें व्यापक समर्थन मिलेगा और वे चुनाव जीतेंगे। उन्होंने कहा कि यदि वे चुने जाते हैं, तो वे संविधान के सिद्धांतों, नैतिकता और परंपराओं का पालन करते हुए इस पद की जिम्मेदारी निभाएंगे।
रेड्डी ने कहा, “यदि मैं चुना गया, तो मैं निष्पक्षता, तटस्थता और उच्चतम नैतिक मानकों के साथ कार्य करूंगा। उप राष्ट्रपति का पद एक तरह की ‘न्यायिक भूमिका’ है, जिसे पूरी निष्ठा से निभाना होगा।”
विपक्षी समर्थन और राजनीतिक समीकरण
रेड्डी ने बताया कि उन्हें केवल INDIA ब्लॉक से ही नहीं, बल्कि अन्य दलों से भी समर्थन मिल रहा है। आम आदमी पार्टी (AAP), जो गठबंधन का हिस्सा नहीं है, ने भी उनके पक्ष में खड़े होने का ऐलान किया है।
उन्होंने कहा, “कई अन्य पार्टियां और स्वतंत्र सांसद भी समर्थन देने की इच्छा जता रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि सांसद उप राष्ट्रपति पद की गरिमा को देखते हुए विचार करेंगे और मेरे पक्ष में मतदान करेंगे।”
रेड्डी ने विशेष रूप से आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के नेताओं से समर्थन मांगा है। उन्होंने कहा कि उनका काम और समर्पण उन्हें इन दोनों राज्यों से पर्याप्त समर्थन दिलाएगा।
क्या यह विचारधारा की लड़ाई है?
जब उनसे पूछा गया कि क्या यह चुनाव विचारधाराओं की लड़ाई में बदल सकता है, तो रेड्डी ने कहा कि उनका विश्वास पूरी तरह संविधान पर है।
उन्होंने कहा, “मैं किसी राजनीतिक पार्टी से संबद्ध नहीं हूं, लेकिन संविधानिक लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखता हूं। संविधान एक राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक दस्तावेज है, और मेरा दृष्टिकोण इन्हीं सिद्धांतों पर आधारित है।”
आंकड़ों का गणित और NDA की बढ़त
चुनावी कॉलेज में इस समय 782 सदस्य हैं और जीत के लिए 392 वोटों की आवश्यकता है। NDA के पास लोकसभा में 293 और राज्यसभा में 133 सीटें हैं। संख्याओं के आधार पर भाजपा उम्मीदवार की स्थिति मजबूत है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, विपक्ष के उम्मीदवार रेड्डी तभी जीत सकते हैं यदि NDA खेमे में विद्रोह हो या कुछ सहयोगी दल विपक्ष के पक्ष में वोट करें।
रेड्डी के गृह राज्य से चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी, जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआरसीपी और के चंद्रशेखर राव की भारत राष्ट्र समिति का समर्थन इस चुनाव में अहम भूमिका निभा सकता है।
सांसदों से लगातार संपर्क
गुवाहाटी में रेड्डी ने शुक्रवार को असम प्रदेश कांग्रेस समिति (APCC) के अध्यक्ष गौरव गोगोई के साथ कई सांसदों से मुलाकात की। इस बैठक में मणिपुर, असम और नागालैंड के विपक्षी सांसद शामिल थे।
रेड्डी ने कहा कि उनका उद्देश्य सिर्फ जीतना नहीं, बल्कि इस पद की गरिमा और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करना है।
पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज बी सुदर्शन रेड्डी का आत्मविश्वास इस बात को दर्शाता है कि विपक्ष भले ही संख्याओं में कमजोर हो, लेकिन वे राजनीतिक और नैतिक समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। उप राष्ट्रपति चुनाव का परिणाम चाहे जो भी हो, यह स्पष्ट है कि यह लड़ाई केवल सत्ता की नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों की व्याख्या और उनकी रक्षा की भी है।
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