बिहार भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का मार्गदर्शक :उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन

  • उपराष्ट्रपति ने 18वीं बिहार विधानसभा के सदस्यों के लिए दो दिवसीय अभिविन्यास-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया
  • बिहार को भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का ‘मार्गदर्शक’ और विकसित भारत के लिए आवश्यक बताया
  • विधायकों को संविधान और सेवा-भावना को सर्वोपरि रखने का आह्वान
  • राजनीति में धैर्य, सतत अधिगम और डिजिटल विधायी पहलों को अपनाने पर जोर

समग्र समाचार सेवा
 गया, 11 जुलाई : भारत के उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने गया स्थित बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बीआईपीएआरडी) में 18वीं बिहार विधानसभा के सदस्यों के लिए दो दिवसीय अभिविन्यास-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि बिहार भारत की लोकतांत्रिक यात्रा का मार्गदर्शक रहा है और स्वतंत्रता संग्राम, आपातकाल तथा संपूर्ण क्रांति जैसे आंदोलनों में इसकी अहम भूमिका रही है। उन्होंने विधायकों से संविधान को साझा मार्गदर्शक मानकर, विचार भिन्नता के बावजूद सेवा के भाव से कार्य करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि चुनाव वोटों से जीते जाते हैं, लेकिन सम्मान और विश्वास सेवा से अर्जित होता है, सत्ता से नहीं। सतत अधिगम, संसदीय प्रक्रियाओं की समझ और डिजिटल विधायी पहलों को अपनाने पर भी जोर दिया गया।

राजनीति में धैर्य और दृढ़ता का महत्व बताते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सफलता सही समय, धैर्य और निरंतर प्रयास से मिलती है। उन्होंने बिहार के विधायकों से राज्य को विकास और रोजगार का केंद्र बनाने तथा जनता के विश्वास को मजबूत करने का आग्रह किया।

इस अवसर पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, विधान परिषद अध्यक्ष, उपमुख्यमंत्री, उपाध्यक्ष सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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