विकसित भारत बजट शिक्षा से स्वरोजगार तक मोदी जी के विजन का सशक्त प्रतिबिंब : अमित शाह

विकसित भारत बजट ने हर वर्ग को सशक्त करने का रोडमैप दिया : अमित शाह

  • 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए अगले 25 वर्षों का स्पष्ट रोडमैप
  • पूंजीगत व्यय ₹12.2 लाख करोड़, कनेक्टिविटी और रोजगार पर जोर
  • MSMEs, किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए व्यापक प्रोत्साहन
  • शिक्षा-उद्योग समन्वय से स्वरोजगार और कौशल विकास को बढ़ावा

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली। 2 फ़रवरी: केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बजट 2026-27 को 2047 तक विकसित भारत के निर्माण की ठोस बुनियाद बताते हुए कहा कि यह शिक्षा से लेकर स्वरोजगार तक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन का सशक्त प्रतिबिंब है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को विकसित भारत बजट के लिए बधाई दी।

वित्तीय अनुशासन के साथ विकास

अमित शाह ने कहा कि यह बजट राजकोषीय जिम्मेदारी के साथ विकास को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराता है और घाटे को 4.5 प्रतिशत से नीचे रखने के लक्ष्य को साधता है। उनके अनुसार, कोविड के बाद दूरदर्शी आर्थिक नीतियों ने भारतीय अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार दी है।

हर क्षेत्र, हर वर्ग पर फोकस

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि मैन्युफैक्चरिंग से इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वास्थ्य से टूरिज्म, ग्रामीण भारत से AI और स्पोर्ट्स से तीर्थ—यह बजट युवाओं, महिलाओं और किसानों के सपनों को शक्ति देता है।

कनेक्टिविटी और रोजगार

शाह ने बताया कि ₹12.2 लाख करोड़ के पूंजीगत व्यय से भविष्य के लिए तैयार भारत के विजन को गति मिलेगी। सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, राष्ट्रीय जलमार्ग और बेहतर कनेक्टिविटी से टियर-2 और टियर-3 शहरों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान

‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना’ से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। तटीय क्षेत्रों में कोकोनट प्रमोशन स्कीम, काजू-कोको उत्पादन एवं निर्यात को बढ़ावा और चंदन संरक्षण जैसे फैसलों से किसानों की आय बढ़ाने का संकल्प झलकता है।

MSMEs को नई ताकत

₹10,000 करोड़ के ग्रोथ फंड और त्रिपक्षीय फ्रेमवर्क के जरिए MSMEs को ग्रोथ स्टोरी का चैंपियन बनाने की योजना है, जिससे टियर-2 और टियर-3 शहरों में संरचित पेशेवर सहयोग मिलेगा।

पशुधन, मत्स्य और पर्यटन

पशुधन आधारित अर्थव्यवस्था के विस्तार, डेयरी-पोल्ट्री के लिए क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी, 500 सरोवरों के विकास से मत्स्य पालन को बढ़ावा मिलेगा। 15 पुरातात्विक स्थलों को सांस्कृतिक गंतव्य, बौद्ध सर्किट, माउंटेन और टर्टल ट्रेल्स तथा नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी से पर्यटन और रोजगार दोनों को बल मिलेगा।

शिक्षा से रोजगार का सेतु

औद्योगिक व लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के पास 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप, अनुसंधान के लिए टेलिस्कोप इंफ्रास्ट्रक्चर, AVGC लैब्स, कंटेंट क्रिएशन ट्रेनिंग और ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज’ हाई-पावर्ड कमेटी—ये कदम नई पीढ़ी को कौशल-संपन्न बनाते हैं।

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