समग्र समाचार सेवा
पटना, 10 अक्टूबर: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को अधिक सहज, पारदर्शी और समावेशी बनाने के लिए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब वे मतदाता, जिनके पास मतदाता पहचान पत्र (EPIC) नहीं है, फिर भी वे 12 वैकल्पिक फोटो पहचान पत्रों में से किसी एक को प्रस्तुत कर अपने मताधिकार का उपयोग कर सकेंगे।
यह निर्णय चुनाव आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के तहत लिया गया है, ताकि कोई भी पात्र नागरिक केवल पहचान पत्र की अनुपलब्धता के कारण मतदान से वंचित न हो।
चुनाव आयोग का उद्देश्य – “हर मतदाता तक पहुंच”
चुनाव आयोग ने कहा है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हर पात्र मतदाता की भागीदारी सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। आयोग के अनुसार, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 और निर्वाचक पंजीकरण नियम, 1960 के तहत आयोग को मतदाताओं की पहचान और ईपीआईसी जारी करने का अधिकार है।
हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि मतदान का अधिकार केवल उन्हीं नागरिकों को होगा जिनका नाम मतदाता सूची में दर्ज है। किसी भी स्थिति में नाम के बिना पहचान पत्र मान्य नहीं होगा।
अब इन 12 दस्तावेजों से भी कर सकेंगे मतदान
जिन मतदाताओं के पास वोटर आईडी कार्ड उपलब्ध नहीं है, वे निम्नलिखित पहचान पत्रों में से किसी एक को दिखाकर वोट डाल सकते हैं:
- आधार कार्ड
- मनरेगा जॉब कार्ड
- बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक
- आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड
- ड्राइविंग लाइसेंस
- पैन कार्ड
- एनपीआर स्मार्ट कार्ड
- भारतीय पासपोर्ट
- फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज
- केंद्र या राज्य सरकार का फोटोयुक्त सेवा पहचान पत्र
- सांसद या विधायक का आधिकारिक पहचान पत्र
- दिव्यांगता पहचान पत्र (UDID)
इन दस्तावेजों के जरिए मतदाता की पहचान सत्यापित होने पर उन्हें मतदान की अनुमति दी जाएगी।
बुर्का पहनने वाली महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था
चुनाव आयोग ने मुस्लिम समुदाय की बुर्का पहनने वाली महिलाओं को मतदान के लिए प्रोत्साहित करने हेतु विशेष प्रावधान किए हैं। मतदान केंद्रों पर महिला अधिकारियों की उपस्थिति में उनकी पहचान गरिमापूर्ण ढंग से सुनिश्चित की जाएगी और उनकी गोपनीयता की पूर्ण सुरक्षा की जाएगी। यह कदम आयोग की संवेदनशीलता और समावेशी दृष्टिकोण को दर्शाता है।
पहले चरण का चुनाव और प्रशासनिक तैयारी
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के नामांकन की प्रक्रिया आज से शुरू हो गई है। इस चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर 6 नवंबर 2025 को मतदान होगा। निर्वाचन विभाग ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएँ समय से पूरी कर ली जाएँ।
इसके साथ ही आयोग ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी नए मतदाताओं को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन के 15 दिनों के भीतर वोटर आईडी वितरित कर दिए जाएँ।
लोकतंत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में कदम
चुनाव आयोग का यह निर्णय उन सभी नागरिकों के लिए राहत का संदेश है जो किसी कारणवश अपने वोटर आईडी कार्ड से वंचित रह जाते हैं। यह कदम “सबका वोट – सबकी भागीदारी” की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जो लोकतंत्र को और अधिक समावेशी, पारदर्शी और विश्वासयोग्य बनाता है।
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