बिहार में वोट चोरी विवाद पर गरजा विपक्ष, संसद से सड़क तक हंगामा

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 18 अगस्त: बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष और सरकार आमने-सामने आ गए हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणमूल कांग्रेस महासचिव अभिषेक बनर्जी और अन्य INDIA गठबंधन के नेताओं ने रविवार को बिहार में विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने चुनाव आयोग और भाजपा पर ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया।

वहीं संसद में भी इस मुद्दे को लेकर भारी हंगामा हुआ। लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही विपक्षी शोरगुल के कारण कई बार स्थगित करनी पड़ी।

संसद में हंगामा, कार्यवाही स्थगित

लोकसभा में प्रश्नकाल शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। कई सांसद वेल तक पहुँच गए और “वोट चोरी बंद करो” के नारे लगाए। लोकसभा अध्यक्ष ने सांसदों से शांति बनाए रखने की अपील की, लेकिन जब हालात नहीं संभले तो कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

राज्यसभा में भी स्थिति अलग नहीं रही। शून्यकाल शुरू होने से पहले ही विपक्ष ने हंगामा किया, जिसके चलते कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित करनी पड़ी।

विपक्ष का आरोप – “चुनाव आयोग पक्षपाती”

कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने कहा, “हमने संविधान की शपथ ली है कि देश के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। चुनाव आयोग BJP के प्रवक्ता की तरह व्यवहार कर रहा है। राहुल गांधी से हलफ़नामा मांगना गलत है। आयोग को जांच करनी चाहिए और तथ्य सामने रखने चाहिए।”

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग ने भाजपा नेताओं से भी हलफ़नामा क्यों नहीं माँगा, जबकि उन्होंने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था। उनका आरोप था कि आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने इस संवैधानिक संस्था की गरिमा को कमज़ोर किया है।

शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने भी कहा कि, “देश में उपराष्ट्रपति पद से भी बड़ा मुद्दा वोट चोरी का है। जनता का विश्वास चुनावी प्रक्रिया से उठ रहा है, और हम इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते।”

SIR प्रक्रिया पर विवाद

INDIA गठबंधन के नेताओं का कहना है कि बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में धांधली हुई है। विपक्ष का आरोप है कि लाखों फर्जी नाम मतदाता सूची में जोड़े गए हैं, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हो सकते हैं।

‘आप’ सांसद संजय सिंह और कांग्रेस की रेणुका चौधरी ने राज्यसभा में नोटिस देकर मांग की कि इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराई जाए। कांग्रेस के कई सांसदों ने भी नियम 267 के तहत कार्य स्थगन नोटिस देकर चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर चर्चा की मांग की।

सरकार की रणनीति – अन्य एजेंडे पर जोर

इसी बीच सरकार ने सोमवार को लोकसभा में जन विश्वास (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश करने का ऐलान किया है, जिसके तहत छोटे-मोटे अपराधों को अपराध-मुक्त किया जाएगा। इसके अलावा अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की ऐतिहासिक वापसी पर संसद में विशेष चर्चा भी होगी।

केंद्रीय मंत्री किरें रिजिजू ने कहा, “पूरा देश शुभांशु शुक्ला और ISRO के वैज्ञानिकों पर गर्व करता है। विपक्ष को ऐसे अवसरों पर हंगामा नहीं करना चाहिए।”

बड़ा सवाल – क्या आयोग भरोसा बहाल कर पाएगा?

बिहार से शुरू हुआ यह विवाद अब संसद तक पहुँच गया है और सुप्रीम कोर्ट में भी इसकी गूँज सुनाई दे रही है। विपक्ष लगातार कह रहा है कि चुनाव आयोग भाजपा के पक्ष में काम कर रहा है, जबकि आयोग का दावा है कि सभी प्रक्रियाएँ पारदर्शी और कानूनी रूप से सही हैं।

अब सवाल यह है कि क्या इस हंगामे के बाद आयोग मतदाता सूची की निष्पक्षता पर जनता का भरोसा बहाल कर पाएगा, या फिर ‘वोट चोरी’ विवाद आने वाले चुनावों में सबसे बड़ा मुद्दा बन जाएगा।

 

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