वाटर वॉरियर्स ने जल शक्ति मंत्री से की मुलाकात
जल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य करने वाले जमीनी स्तर के नायकों ने साझा किए अपने अनुभव, सरकार ने प्रयासों को सराहा।
- केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से देश के विभिन्न कोनों से आए ‘वाटर वॉरियर्स’ ने मुलाकात की और जल संरक्षण के अपने जमीनी अनुभव साझा किए।
- इन जमीनी स्तर के नायकों ने जल संचयन, भूजल पुनर्भरण और तालाबों के पुनरुद्धार से जुड़ी अपनी सफल कहानियों से मंत्री को अवगत कराया।
- सरकार जल संवर्धन के इस जन-आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए ग्रामीण समुदायों और स्थानीय नेतृत्व के साथ मिलकर काम कर रही है।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 2 अक्टूबर: देश में जल संकट से निपटने और जल संचयन (Water Conservation) के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे ‘वाटर वॉरियर्स’ ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस दौरान इन जल योद्धाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में पानी बचाने, पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने और भूजल स्तर को ऊपर उठाने के लिए किए गए अनूठे प्रयासों की सफलता की कहानियां (Success Stories) साझा कीं। मंत्री ने सभी वॉरियर्स के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके ये प्रयास देश के अन्य हिस्सों के लिए भी प्रेरणास्रोत हैं।
जमीनी स्तर पर जल संचयन और सामुदायिक भागीदारी
मुलाकात के दौरान वाटर वॉरियर्स ने बताया कि किस प्रकार ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्थानीय समुदायों को जोड़कर वर्षा जल संचयन (Rainwater Harvesting) और जल निकायों के जीर्णोद्धार का कार्य किया गया। कई क्षेत्रों में तालाबों की खुदाई, चेक डैम का निर्माण और सूखे कुओं को फिर से जीवित करने जैसे अभियानों ने बड़ा बदलाव लाया है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप न केवल पेयजल की उपलब्धता बढ़ी है, बल्कि कृषि कार्यों के लिए भी पर्याप्त पानी मिलने लगा है।
‘जल संचयन’ को एक जन-आंदोलन बनाने पर जोर
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘जल जीवन मिशन’ और जल संरक्षण से जुड़ी अन्य योजनाएं आज एक जन-आंदोलन का रूप ले चुकी हैं। जब तक समाज का हर नागरिक जल के महत्व को समझकर इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित नहीं करेगा, तब तक पूर्ण सफलता मिलना कठिन है। सरकार इन जमीनी नायकों के अनुभवों और सुझावों को अपनी भावी नीतियों में शामिल कर रही है ताकि देश को जल-सुरक्षित बनाया जा सके।
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