समग्र समाचार सेवा
लखनऊ, 23 अगस्त: समाजवादी पार्टी (सपा) से निष्कासित चायल की विधायक पूजा पाल ने पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सपा से बाहर किए जाने के कुछ ही दिन बाद, उन्होंने अखिलेश यादव को संबोधित एक पत्र लिखा और इसे अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर साझा किया।
अखिलेश पर आरोप
पूजा पाल ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने उन्हें अपमानित किया और पार्टी संगठन में आपराधिक तत्वों को बढ़ावा दिया। उन्होंने कहा कि उनका निष्कासन केवल व्यक्तिगत नहीं है, बल्कि यह राज्य के पिछड़े वर्गों, दलितों और आर्थिक रूप से कमजोर समुदायों की आवाज़ दबाने की कोशिश है।
उन्होंने लिखा, “यह निष्कासन केवल मेरे खिलाफ नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के गरीबों, दलितों और पिछड़ों की आवाज़ को दबाने का प्रयास है।”
सामाजिक न्याय की लड़ाई
अपने पत्र में पूजा पाल ने सवाल उठाया कि क्या अखिलेश यादव सच में एससी, एसटी और ओबीसी समुदायों के रक्षक हैं। उन्होंने कहा कि यह पत्र लोगों को यह समझने का मौका देगा कि सपा सामाजिक न्याय की बात करती है, लेकिन असल में उसका रवैया अलग है।
न्याय की तलाश और पति की हत्या
पूजा पाल ने बताया कि उन्होंने सपा में इसलिए शामिल होना चुना था क्योंकि उन्हें विश्वास था कि यह पार्टी उन्हें न्याय दिलाएगी। उनके पति और बसपा विधायक राजू पाल की 2005 में हत्या कर दी गई थी। हाल ही में इस मामले के एक अहम गवाह उमेश पाल की भी हत्या हो गई, जिससे उनका दर्द और गहरा हो गया।
उन्होंने कहा कि सपा सरकार में न्याय पाने की उनकी कोशिशें नाकाम रहीं, लेकिन भाजपा शासन में उन्हें लंबित मामलों में न्याय मिला।
भाजपा शासन की प्रशंसा
भाजपा सरकार की तारीफ करते हुए पूजा पाल ने कहा कि लंबे समय से न्याय केवल भाजपा शासन में ही संभव हुआ। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को वोट दिया तो उन्हें निष्कासित क्यों किया गया, जबकि अखिलेश यादव ने भी बाद में भाजपा उम्मीदवार को वोट दिया।
उन्होंने कहा, “मेरे निष्कासन के पीछे अखिलेश यादव का अहंकार है। एक पिछड़े वर्ग की विधवा को पार्टी से बाहर करना सामाजिक न्याय की बात करने वाली पार्टी के चरित्र को उजागर करता है।”
सोशल मीडिया पर हमले और धमकियाँ
पूजा पाल ने बताया कि निष्कासन के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं। उन्होंने लिखा कि उनके जीवन का उद्देश्य पति की हत्या का न्याय पाना था, और वह पूरा हो चुका है।
पत्र के अंत में उन्होंने कहा, “अगर मुझे कुछ होता है तो इसकी जिम्मेदारी समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव की होगी।”
सपा का रुख
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी ने पूजा पाल को पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में निष्कासित किया था।
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