समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 28 जुलाई: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। उन्होंने लगातार 8 वर्षों, 4 महीनों और 10 दिनों तक राज्य की कुर्सी संभालते हुए पूर्व मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत (जिन्होंने 8 साल 127 दिन कार्यकाल किया था) का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।
राजनीतिक यात्रा और निरंतरता का ऐतिहासिक अध्याय
योगी आदित्यनाथ ने पहली बार 19 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश के 21वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके बाद 2022 में पुनः जीत हासिल कर लगातार दूसरा कार्यकाल जिया, और ऐसे पहले मुख्यमंत्री बने जो पांच साल के पूरे कार्यकाल के बाद पुनः चुने गए।
धर्म, संसद और शासन का मिश्रण
योगी आदित्यनाथ का जन्म 5 जून 1972 को अजय मोहन सिंह बिष्ट के रूप में हुआ था। 26 साल की उम्र में गोरखपुर से सांसद बने और पांच बार लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया। इस दौरान वह गोरखनाथ मठ के महंत भी बने, जो धार्मिक और राजनीतिक प्रभाव का केंद्र माना जाता है।
विकास, विवाद और जन-संवाद की राजनीति
हाल के आठ वर्षों में योगी आदित्यनाथ विपक्ष के बयानों के संदर्भ में सुर्खियों में रहे, लेकिन उनकी जनप्रियता पर कोई असर नहीं हुआ। चुनी गई नीतियों और कानून व्यवस्था में बदलाव उनके प्रशासकीय प्रभाव को बढ़ाते रहे।
भविष्य की राह और आगामी चुनाव
अगली विधानसभा चुनाव 2027 में है और मध्यम वर्ग, युवा वर्ग और ग्रामीण वोटर की अपेक्षाएँ योगी सरकार से बढ़ी हैं। यह देखना होगा कि क्या वह इस लोकप्रियता को और आगे बढ़ा पाते हैं और मुख्यमंत्री पद पर अपनी पकड़ बनाये रखते हैं।
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