सीमा सुरक्षा में बीएसएफ की सख्ती: गुजरात के बनासकांठा में पाकिस्तानी घुसपैठिया ढेर, कच्छ से एक जासूस गिरफ्तार

समग्र समाचार सेवा,

बनासकांठा (गुजरात), 24 मई: बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) ने एक बार फिर सीमा पर सतर्कता और साहस का परिचय देते हुए पाकिस्तानी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया। बीएसएफ जवानों ने गुजरात के बनासकांठा ज़िले में एक संदिग्ध व्यक्ति को अंतरराष्ट्रीय सीमा पार कर भारत में घुसते हुए देखा। चेतावनी देने के बावजूद जब वह रुका नहीं, तो मजबूरी में कार्रवाई की गई और घुसपैठिए को गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

BSF का आधिकारिक बयान

बीएसएफ गुजरात फ्रंटियर के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया:

“पाकिस्तानी घुसपैठिए को चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसने अनदेखी की और आगे बढ़ता रहा। सीमा सुरक्षा बल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घुसपैठ को विफल कर दिया।”

लगातार बढ़ रही है पाकिस्तान की ओर से संदिग्ध गतिविधियां

बीएसएफ का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से सीमा पर गतिविधियों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिस कारण सुरक्षा व्यवस्था और चौकसी बढ़ा दी गई है। विशेष रूप से ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पूरे सीमावर्ती क्षेत्र में बीएसएफ की तैनाती और अधिक सख्त कर दी गई है।

कच्छ से जासूसी के आरोप में एक और गिरफ्तारी

इसी बीच, गुजरात के कच्छ जिले से एक व्यक्ति को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान सहदेव गोहिल के रूप में हुई है। गुजरात एटीएस (ATS) के मुताबिक, सहदेव ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI को कई संवेदनशील स्थानों की जानकारी साझा की थी, और इसके बदले में ₹40,000 की रकम भी प्राप्त की थी।

उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है और फॉरेंसिक जांच के लिए एफएसएल (FSL) भेजा गया है।

बांग्लादेश से आए हिंदुओं ने BSF से मांगी थी सुरक्षा, फिर लौटाया गया

बीएसएफ सूत्रों के अनुसार, हाल ही में बांग्लादेश में हिंसा से प्रभावित कुछ हिंदू परिवारों ने भारत सीमा पर आकर सुरक्षा की गुहार लगाई थी। हालांकि, सीमापार नीति के अनुसार, उन्हें वापस भेज दिया गया। इस मामले को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने भी अपनी चिंता जताई है।

गृह मंत्री अमित शाह का बयान

जोधपुर में BSF के राइजिंग डे समारोह में बोलते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा:

“बीएसएफ की मौजूदगी में हमें सीमा की सुरक्षा की चिंता नहीं करनी चाहिए। यह बल हमारी सीमाओं की पहली और सबसे भरोसेमंद रक्षा पंक्ति है।”

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