समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 24 सितंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ्ती शेख अब्दुल अजीज बिन अब्दुल्ला बिन मोहम्मद अल अल शेख के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा, “सऊदी अरब के ग्रैंड मुफ़्ती महामहिम शेख अब्दुलअजीज बिन अब्दुल्लाह बिन मोहम्मद अल अल शेख के दुखद निधन पर गहरी संवेदना। दुःख की इस घड़ी में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं सऊदी अरब और वहां के लोगों के साथ हैं।”
Deepest condolences on the sad demise of the Grand Mufti of the Kingdom of Saudi Arabia, His Eminence Sheikh Abdulaziz bin Abdullah bin Mohammed Al AlSheikh. Our thoughts and prayers are with the Kingdom and its people in this moment of grief.
— Narendra Modi (@narendramodi) September 24, 2025
शेख अब्दुल अजीज बिन अब्दुल्ला बिन मोहम्मद अल अल शेख सऊदी अरब के धार्मिक मामलों और इस्लामी परंपराओं के प्रमुख स्तंभ माने जाते थे। उनके निधन से न केवल सऊदी अरब बल्कि पूरे इस्लामी जगत में गहरा शोक व्याप्त है। धार्मिक मामलों में उनका मार्गदर्शन और नेतृत्व दुनिया भर में मुस्लिम समुदाय के लिए महत्वपूर्ण रहा।
प्रधानमंत्री मोदी के संदेश को भारत-सऊदी संबंधों के गहरे और ऐतिहासिक जुड़ाव की भावना से भी जोड़ा जा रहा है। भारत और सऊदी अरब के बीच धार्मिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध हमेशा से मजबूत रहे हैं। लाखों भारतीय प्रवासी सऊदी अरब में रहते और काम करते हैं, जो दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती का प्रमाण है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रैंड मुफ्ती का निधन सऊदी अरब की धार्मिक व्यवस्था के लिए एक बड़ी क्षति है। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी का शोक संदेश यह दर्शाता है कि भारत इस कठिन समय में सऊदी अरब और उसके लोगों के साथ खड़ा है।
शेख अब्दुल अजीज की विद्वता और धार्मिक दृष्टिकोण का प्रभाव आने वाली पीढ़ियों तक महसूस किया जाएगा। उन्होंने शरिया कानून की व्याख्या और धार्मिक मार्गदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन से मुस्लिम जगत एक बड़े मार्गदर्शक को खो चुका है।
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