नवरात्रि के तीसरे दिन पीएम मोदी ने मां चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की, देशवासियों के लिए मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 24 सितंबर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्रि के तीसरे दिन देवी चंद्रघंटा की पूजा-अर्चना की और देशवासियों के लिए सुख-समृद्धि की कामना की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने मां चंद्रघंटा को शांति, साहस और निर्भीकता की प्रतीक बताया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लिखा, “नवरात्रि का तीसरा दिन शांति, साहस और निर्भीकता की प्रतीक मां चंद्रघंटा की आराधना को समर्पित है। देवी मां के आशीर्वाद से हर किसी के जीवन में सकारात्मकता का संचार हो। उनकी कृपा देशभर के मेरे परिवारजनों के लिए सुख-समृद्धि और सौभाग्य लेकर आए, यही कामना है।”
नवरात्रि का तीसरा दिन शांति, साहस और निर्भीकता की प्रतीक मां चंद्रघंटा की आराधना को समर्पित है। देवी मां के आशीर्वाद से हर किसी के जीवन में सकारात्मकता का संचार हो। उनकी कृपा देशभर के मेरे परिवारजनों के लिए सुख-समृद्धि और सौभाग्य लेकर आए, यही कामना है।https://t.co/FutP0J1OUs
— Narendra Modi (@narendramodi) September 24, 2025
नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा विशेष रूप से साहस और ऊर्जा प्राप्त करने के लिए की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां चंद्रघंटा के मस्तक पर अर्धचंद्र के आकार की घंटी होती है, जिसके कारण उनका यह नाम पड़ा। भक्तों का मानना है कि उनकी उपासना से भय और नकारात्मकता का नाश होता है तथा जीवन में आत्मबल और आत्मविश्वास की वृद्धि होती है।
प्रधानमंत्री मोदी हर वर्ष नवरात्रि के अवसर पर देवी के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और देशवासियों के लिए मंगलकामनाएं प्रकट करते हैं। उनके संदेश को लोगों ने बड़े भावनात्मक जुड़ाव के साथ स्वीकार किया और सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं का सिलसिला भी देखने को मिला।
धार्मिक विद्वानों का मानना है कि प्रधानमंत्री का यह संदेश न केवल आस्था का प्रतीक है बल्कि सांस्कृतिक एकता और सकारात्मक ऊर्जा को भी बढ़ावा देता है। नवरात्रि के अवसर पर देवी की आराधना भारतीय परंपरा और संस्कृति का अभिन्न अंग मानी जाती है, जिसमें शक्ति की उपासना के साथ-साथ जीवन में संतुलन और सद्भाव का संदेश भी निहित है।
देशभर में इस समय नवरात्रि का उत्सव पूरे उल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। मंदिरों में विशेष सजावट और पूजा-अर्चना के कार्यक्रम हो रहे हैं। भक्त व्रत, उपवास और भजन-कीर्तन के माध्यम से मां दुर्गा और उनके विभिन्न रूपों की आराधना कर रहे हैं।
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