लोनी बुद्रुक ग्राम सभा में शिवराज सिंह चौहान का संवाद

विकसित भारत: जी राम जी एक्ट, 2025 के तहत 125 दिन के काम की गारंटी, समय पर मज़दूरी और महिलाओं की भागीदारी पर ज़ोर

  • ग्राम सभा तय करेगी गांव की ज़रूरत के अनुसार काम
  • मज़दूरी एक सप्ताह में अनिवार्य, देरी पर ब्याज का प्रावधान
  • 33 प्रतिशत काम महिलाओं को देना अनिवार्य
  • कटाई-बुवाई के समय कृषि कार्य के लिए 60 दिन की विशेष छूट

समग्र समाचार सेवा
अहमदनगर (महाराष्ट्र), 2 जनवरी: केन्द्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के लोनी बुद्रुक में आयोजित विशेष ग्राम सभा में ग्रामीण जनों, श्रमिकों और मज़दूर भाई-बहनों से संवाद किया। उन्होंने विकसित भारत: जी राम जी एक्ट, 2025 के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी और इसे ग्रामीण रोज़गार को मज़बूत करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।

ग्राम सभा को मिला निर्णायक अधिकार

मंत्री ने कहा कि अब गांव की ज़रूरत का कोई भी काम कराया जा सकता है, लेकिन उसका फैसला ग्राम सभा ही करेगी। इससे स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार जल संरक्षण, बुनियादी ढांचा, आजीविका और आपदा प्रबंधन जैसे कार्य संभव होंगे।

मज़दूरी भुगतान में सख़्ती

उन्होंने स्पष्ट किया कि अब मज़दूरी एक सप्ताह के भीतर देना अनिवार्य होगा। यदि 15 दिन में भुगतान नहीं हुआ तो मज़दूर को 0.05 प्रतिशत अतिरिक्त राशि ब्याज के रूप में मिलेगी। उन्होंने कहा कि अब देरी करने वालों को जवाबदेह बनाया जाएगा।

महिलाओं और किसानों पर विशेष ध्यान

इस योजना में एक-तिहाई यानी 33 प्रतिशत काम महिलाओं को देना अनिवार्य किया गया है। साथ ही कटाई-बुवाई के समय राज्य सरकारों को अधिकार दिया गया है कि वे अधिकतम 60 दिन तक मज़दूरों को कृषि कार्य में लगाने की अधिसूचना जारी कर सकें।

प्रशासनिक व्यवस्था मज़बूत

श्री चौहान ने बताया कि प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है, ताकि रोज़गार सहायकों के वेतन में देरी और भुगतान रोके जाने की समस्याएं न हों। इसके लिए राज्यों के साथ समन्वय कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।

कार्यक्रम का देशभर में वेबकास्ट किया गया, जिसे 1 लाख से अधिक स्थानों से 60 लाख से ज़्यादा लोगों ने देखा।

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