श्री अमित शाह : छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में प्रेस वार्ता

  • 70 सुरक्षा कैंपों को “वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा” में बदला जाएगा
  • हर सेवा डेरा में बैंकिंग, डिजिटल और सरकारी योजनाओं की सुविधा मिलेगी
  • बस्तर में डेयरी और सहकारिता मॉडल से आदिवासियों की आय बढ़ाने की योजना
  • केंद्र का दावा — तय समय से पहले देश नक्सलवाद मुक्त हुआ

समग्र समाचार सेवा
छत्तीसगढ़ 20 मई : नक्सल मुक्त बस्तर में विकास का नया अध्याय, अमित शाह ने लॉन्च किया ‘वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेराश्री अमित शाह  ने मंगलवार को जगदलपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में घोषणा की कि देश से नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन तय समयसीमा से पहले ही हो चुका है। उन्होंने कहा कि केंद्र और छत्तीसगढ़  सरकार अब नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को विकास के मॉडल में बदलने के मिशन पर काम कर रही हैं।

31 मार्च 2026 से पहले खत्म हुआ नक्सलवाद

गृह मंत्री ने कहा कि अगस्त 2024 में सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशकों की बैठक के बाद केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया था। उन्होंने दावा किया कि सुरक्षाबलों के साहस, पराक्रम और बलिदान के कारण यह लक्ष्य तय समय से पहले ही हासिल कर लिया गया।

उन्होंने कहा कि वर्षों तक यह धारणा बनाई गई कि नक्सलवाद केवल पिछड़ेपन और विकास की कमी के कारण फैला, जबकि देश के कई अन्य पिछड़े क्षेत्रों में नक्सलवाद नहीं फैला। शाह ने कहा कि बस्तर में विकास को रोकने का सबसे बड़ा कारण नक्सली हिंसा रही।

‘वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा’ बनेगा विकास का केंद्र

अमित शाह ने घोषणा की कि बस्तर में बनाए गए लगभग 200 सुरक्षा कैंपों में से पहले चरण में 70 कैंपों को “वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा” में बदला जाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को बैंकिंग, आधार कार्ड, डिजिटल सेवाएं और केंद्र व राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इन सेवा डेरों में PACS, डेयरी नेटवर्क और सहकारिता आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार हर आदिवासी परिवार को एक गाय और एक भैंस उपलब्ध कराने की योजना पर भी काम कर रही है, जिससे दूध उत्पादन और मार्केटिंग के जरिए आय बढ़ाई जा सके।

बस्तर में तेज़ी से बढ़ा आधारभूत ढांचा

गृह मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने बस्तर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 20,557 करोड़ रुपये की लागत से 12,211 किलोमीटर सड़क निर्माण पूरा किया है। इसके अलावा 13,000 मोबाइल टावरों की योजना में से 5,000 टावर लगाए जा चुके हैं।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 1,804 बैंक शाखाएं, 1,321 एटीएम, 890 पोस्ट ऑफिस, 259 एकलव्य मॉडल स्कूल, 46 आईटीआई और 49 स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए गए हैं। अब तक 90 हजार से अधिक युवाओं और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

आदिवासी संस्कृति और युवाओं पर फोकस

शाह ने कहा कि “बस्तर पंडुम” और “बस्तर ओलंपिक” जैसे आयोजनों के जरिए आदिवासी संस्कृति, भाषा, वेशभूषा और खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले बस्तर ओलंपिक में करीब 3.94 लाख खिलाड़ियों ने भाग लिया था, जिसमें पुनर्वास स्वीकार कर चुके पूर्व नक्सलियों की टीम ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

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