- 14 मंत्रियों में से 13 मंत्री करोड़पति हैं।
- मंत्रियों की औसत घोषित संपत्ति 206.15 करोड़ रुपये है।
- कई मंत्रियों ने शपथपत्रों में आपराधिक मामलों की जानकारी दी है।
- रिपोर्ट ADR द्वारा चुनावी शपथपत्रों के विश्लेषण पर आधारित है।
समग्र समाचार सेवा
बेंगलुरु ,कर्नाटक 6 जून : कर्नाटक के पुनर्गठित मंत्रिमंडल को लेकर जारी एक विश्लेषण में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। लोकतांत्रिक सुधारों के लिए काम करने वाले संगठन Association for Democratic Reforms (ADR) की रिपोर्ट के अनुसार राज्य मंत्रिमंडल के 14 मंत्रियों में से 13 करोड़पति हैं। इन मंत्रियों की औसत घोषित संपत्ति लगभग 206.15 करोड़ रुपये बताई गई है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मंत्रिमंडल के कई सदस्यों ने अपने चुनावी शपथपत्रों में आपराधिक मामलों का उल्लेख किया है। इनमें कुछ गंभीर प्रकृति के मामले भी शामिल हैं। ADR ने यह विश्लेषण निर्वाचन आयोग को सौंपे गए शपथपत्रों के आधार पर तैयार किया है।
विश्लेषण के अनुसार, संपत्ति के मामले में कर्नाटक के मंत्री देश के सबसे समृद्ध राजनीतिक नेतृत्वों में शामिल हैं। इससे राजनीति में धनबल और आपराधिक मामलों की मौजूदगी पर बहस एक बार फिर तेज हो गई है।
चुनावी सुधारों की वकालत करने वाले संगठनों का कहना है कि उम्मीदवारों की आर्थिक और कानूनी पृष्ठभूमि की जानकारी मतदाताओं के लिए सार्वजनिक होना लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाता है।
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