- हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया प्रमुख अरुण श्रीनिवास व कई फेसबुक-इंस्टाग्राम अकाउंट्स के खिलाफ पीएम मोदी का मॉर्फ्ड व आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित करने पर केस दर्ज किया।
- शिकायतकर्ताओं का आरोप—इन पोस्ट्स व कमेंट्स में प्रधानमंत्री के लिए आपत्तिजनक, भ्रामक व अभद्र भाषा का इस्तेमाल हुआ, जिससे समाज में गलत सूचना और नफरत फैलने का खतरा।
- मेटा ने सरकार को पीएम मोदी की पोस्ट्स के लिए अतिरिक्त सुरक्षा व उच्च अधिकारियों की निगरानी में समीक्षा का भरोसा दिया; विवादित कंटेंट हटाने की प्रक्रिया तेज।
- दिल्ली पुलिस ने भी प्रदर्शन के दौरान पीएम के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट्स हटाने के निर्देश सोशल मीडिया कंपनियों को दिए, कई अकाउंट्स को नोटिस जारी।
समग्र समाचार सेवा
हैदराबाद | 31 जुलाई : हैदराबाद साइबर क्राइम पुलिस ने मेटा इंडिया के प्रमुख अरुण श्रीनिवास और कई फेसबुक व इंस्टाग्राम अकाउंट्स के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े मॉर्फ्ड व आपत्तिजनक कंटेंट प्रसारित करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई उस वक्त की गई जब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के छात्र आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की छवि से छेड़छाड़ कर वायरल वीडियो व फोटो साझा किए गए।
शिकायतकर्ताओं, तेलंगाना बीजेपी कार्यकर्ता टी. साईकिरण गौड़ और व्यापारी एस. अरविंद रेड्डी का आरोप है कि कई इंस्टाग्राम व फेसबुक पोस्ट्स में प्रधानमंत्री के लिए अश्लील, अपमानजनक और भ्रामक भाषा का इस्तेमाल हुआ। शिकायत में कहा गया कि इन डिजिटल रूप से एडिट किए गए पोस्ट्स/वीडियो में न केवल प्रधानमंत्री बल्कि अन्य नेताओं को भी निशाना बनाया गया, जिससे न सिर्फ उनकी गरिमा को ठेस पहुंची, बल्कि समाज में गलत सूचना और नफरत फैलने की आशंका भी बढ़ी।
पुलिस ने आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। मेटा ने सरकार को आश्वस्त किया है कि अब प्रधानमंत्री की पोस्ट्स का विशेष रूप से वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा परीक्षण व निगरानी होगी। किसी भी पोस्ट को हटाने या ब्लॉक करने का निर्णय कम-से-कम दो वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा के बाद ही होगा। इसके अलावा, मेटा की टीम सरकार से अन्य कंटेंट रेगुलेशन मुद्दों पर भी चर्चा करेगी।
दिल्ली पुलिस ने भी हाल ही में सोशल मीडिया कंपनियों को पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट्स हटाने और जिम्मेदार अकाउंट्स को नोटिस भेजने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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