अजीत डोभाल : आज़ादी का अर्थ सिर्फ मनमानी करना नहीं

    • डोभाल बोले– आज की पीढ़ी को समझना होगा कि आज़ादी लंबी लड़ाई और बलिदान के बाद मिली है।
    • आज़ादी का अर्थ सिर्फ मनमानी करना नहीं, बल्कि उसके साथ आने वाली जिम्मेदारियों को निभाना भी है।
    • देशभक्ति, नैतिकता और कर्तव्यपरायणता को जीवन में उतारना समय की ज़रूरत है।

    समग्र समाचार सेवा

    नई दिल्ली, 2 अगस्त  :भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने आज़ादी के महत्व पर युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी को स्वतंत्रता की असली कीमत समझनी होगी। उन्होंने कहा कि यह आज़ादी सिर्फ कागजों पर नहीं मिली, बल्कि इसके पीछे लाखों लोगों का संघर्ष, त्याग और बलिदान छुपा है।
    डोभाल ने स्पष्ट किया कि आज़ाद भारत में रहना केवल मनमानी करने का अधिकार नहीं है, बल्कि हर नागरिक पर कुछ जिम्मेदारियां भी आती हैं। उन्होंने कहा, “आजादी का मतलब यह नहीं कि हम मनमानी करें या अपने कर्तव्यों को भूल जाएं। असली आज़ादी वही है, जिसमें नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने सामाजिक, राष्ट्रीय और नैतिक कर्तव्यों को भी पूरी ईमानदारी से निभाएं।”

    उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे देश की स्वतंत्रता, अखंडता और एकता की रक्षा के लिए हमेशा तैयार रहें। डोभाल ने आज़ादी के संघर्ष के ऐतिहासिक प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें अपने पूर्वजों के बलिदान को याद रखना चाहिए और उन्हें व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए।
    उन्होंने कहा, “हमारे पूर्वजों ने जिस आज़ादी के लिए संघर्ष किया, उसकी रक्षा करना और उसका सम्मान करना हम सबकी जिम्मेदारी है। हमें अपने आचरण और सोच में देशभक्ति, जिम्मेदारी और अनुशासन को सबसे ऊपर रखना चाहिए।”

    डोभाल ने युवाओं को चेताया कि आज़ादी की असली ताकत सही दिशा में उसका उपयोग करने में है। उन्होंने कहा कि भारत तभी और आगे बढ़ेगा, जब उसकी नई पीढ़ी जिम्मेदारी, सेवा और कर्तव्य का भाव लेकर देश के लिए काम करेगी।

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