MSME : विपक्षी हंगामे के बीच राज्यसभा से MSME संशोधन विधेयक पारित

मुफ्त डिजिटल रजिस्ट्रेशन का रास्ता साफ

  • MSME (संशोधन) विधेयक 2026 सोमवार को राज्यसभा से पारित, विपक्ष के भारी विरोध के बीच।
  • नया कानून 2006 के एक्ट की जगह लेगा, MSME के लिए फ्री और स्वैच्छिक डिजिटल पंजीकरण का प्रावधान।
  • केंद्रीय मंत्री जितन राम मांझी ने बताया—अब CPSEs को MSME से खरीदारी पर बिल भुगतान TReDS सिस्टम से करना अनिवार्य।
  • MSME सेक्टर भारत की GDP में 31%, मैन्युफैक्चरिंग में 36% और निर्यात में 41% योगदान करता है।
  • 2014-15 में MSME का बकाया क्रेडिट 10 लाख करोड़ था, जो अब बढ़कर 38.35 लाख करोड़ रुपये हो गया।
  • विपक्ष ने हंगामे के चलते बिल पर चर्चा में भाग नहीं लिया, INDIA गठबंधन के संशोधन प्रस्ताव ध्वनि मत से खारिज।
  • चेयरमैन ने सदन में लगातार हो रहे व्यवधान पर नाराजगी जताई, कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।

समग्र समाचार सेवा 

नई दिल्ली, 4 अगस्त:राज्यसभा में विपक्षी हंगामे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से माफी की मांग के बीच MSME विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 पारित हो गया।यह नया कानून MSME के लिए मुफ्त और स्वैच्छिक डिजिटल पंजीकरण का रास्ता खोलता है।
मंत्री जितन राम मांझी ने बताया कि अब सभी केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रमों को MSME से वस्तु व सेवा की खरीद का भुगतान TReDS प्लेटफॉर्म के जरिए करना अनिवार्य होगा, जिससे MSME सेक्टर की तरलता संबंधी समस्याओं का समाधान हो सकेगा।
वर्तमान में MSME सेक्टर भारतीय अर्थव्यवस्था में 31% GDP, 36% मैन्युफैक्चरिंग और 41% निर्यात में योगदान देता है।
विपक्षी सदस्यों ने चर्चा में भाग नहीं लिया, हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।

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