- संसद में पेश नए निजी सदस्य बिल के तहत 13 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग अकाउंट बिना अभिभावकीय अनुमति के निषिद्ध होंगे।
- बच्चों के लिए प्लेटफॉर्म्स पर अनिवार्य उम्र-सत्यापन और पेरेंटल कंट्रोल डैशबोर्ड की व्यवस्था प्रस्तावित।
- सोशल मीडिया कंपनियों को बच्चों पर पर्सनलाइज्ड ऐड टार्गेटिंग, ट्रैकिंग और प्रोफाइलिंग से रोकने का प्रावधान।
- अश्लीलता, जुआ, हिंसा, और नशा जैसे कंटेंट से बच्चों को बचाने के लिए खास प्रावधान; उल्लंघन पर 10 करोड़ तक का जुर्माना और दोहराव पर सेवा निलंबन की सजा।
- बिल में 18 साल से कम को ‘चाइल्ड’ माना गया है; बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर पहली बार ठोस ढांचा प्रस्तावित।
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 8 अगस्त :संसद में पेश किए गए नए निजी सदस्य बिल के तहत अब 13 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर अकाउंट बनाना अभिभावकीय स्वीकृति के बिना प्रतिबंधित हो सकता है।
BJP सांसद बैजयंत पांडा द्वारा पेश ‘SHIELD’ बिल में बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए प्लेटफॉर्म्स पर उम्र सत्यापन, पेरेंटल कंट्रोल, और बच्चों पर टार्गेटेड विज्ञापन और ट्रैकिंग से रोकने जैसे कड़े प्रावधान हैं।
बिल के मुताबिक, प्लेटफॉर्म्स को बच्चों को अश्लील, जुआ, हिंसा, नशा जैसे कंटेंट से बचाना होगा, उल्लंघन पर 10 करोड़ तक का जुर्माना लग सकता है।
बिल का मकसद बच्चों को सुरक्षित इंटरनेट माहौल देना और डिजिटल दुनिया में उनकी निजता तथा मानसिक सेहत की रक्षा करना है।
Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.