महाराष्ट्र के अस्पताल के NICU में लगी भीषण आग

नवजात शिशु देखभाल इकाई में अचानक आग भड़कने से मची अफरा-तफरी, समय रहते सभी 9 नवजात बच्चों को सुरक्षित बचाया गया।

  • महाराष्ट्र के एक अस्पताल के नवजात शिशु देखभाल इकाई (NICU) में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया।
  • अस्पताल के सतर्क स्टाफ और दमकल कर्मियों की सूझबूझ से सभी 9 नवजात शिशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
  • इस दुर्घटना में किसी भी प्रकार के जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है, और सभी बच्चों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है।

मुंबई/महाराष्ट्र, 5 सितंबर: महाराष्ट्र से स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के एक अस्पताल स्थित नवजात शिशु देखभाल इकाई (NICU – Neonatal Intensive Care Unit) में अचानक शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से आग लग गई। आग लगने की इस अचानक हुई घटना से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल बन गया। एनआईसीयू वार्ड में नवजात बच्चे भर्ती होने के कारण स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई थी, क्योंकि जरा सी भी देर होने पर बड़ा हादसा हो सकता था। हालांकि, अस्पताल के मेडिकल स्टाफ और प्रशासनिक अमले की मुस्तैदी के चलते एक बड़ा संकट टल गया।

सतर्क स्टाफ और दमकल विभाग की त्वरित कार्रवाई

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय दमकल विभाग की गाड़ियां तुरंत मौके पर पहुंच गईं। इस बीच, अस्पताल के डॉक्टरों, नर्सों और अन्य सुरक्षा कर्मियों ने बिना एक पल गंवाए अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। एनआईसीयू के अंदर धुआं फैलने से पहले ही स्टाफ ने वार्ड के कांच और खिड़कियों के रास्ते सभी बच्चों को एक-एक करके सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया, जिससे आग आसपास के अन्य वार्डों तक नहीं फैल पाई।

सभी 9 नवजात शिशु सुरक्षित, अन्य अस्पताल में शिफ्ट

इस भयंकर अग्निकांड में सबसे संतोषजनक बात यह रही कि समय रहते उठाए गए कदमों के कारण सभी 9 नवजात शिशुओं को पूरी तरह से सुरक्षित बचा लिया गया। किसी भी बच्चे को कोई गंभीर चोट या नुकसान नहीं पहुंचा है। एहतियात के तौर पर और बच्चों की बेहतर स्वास्थ्य निगरानी के लिए उन सभी 9 नवजात शिशुओं को तुरंत प्रभाव से एक नजदीकी और सुरक्षित अस्पताल में स्थानांतरित (shift) कर दिया गया है, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज जारी है। बच्चों के सुरक्षित होने की खबर मिलते ही उनके परिजनों ने राहत की सांस ली।

अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

यद्यपि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है और सभी बच्चे सुरक्षित हैं, लेकिन इस तरह की घटनाएं अस्पतालों में फायर सेफ्टी (Fire Safety) और विद्युत उपकरणों के रखरखाव पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे मामले की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही या दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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