हरियाणा बैंक घोटाला: छह IAS अधिकारियों पर लगे गंभीर आरोप

सीबीआई की चार्जशीट में खुलासा, निजी बैंक खातों में सरकारी फंड ट्रांसफर कराने के एवज में पहुंचाई गई नकदी, उपहार और आयोजित हुईं पार्टियां।

  • केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हरियाणा के 504 करोड़ रुपये के चर्चित बैंक घोटाले में छह आईएएस अधिकारियों को आरोपी बनाते हुए सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है।
  • चार्जशीट में अधिकारियों पर निजी बैंकों में सरकारी फंड के निवेश में नियमों की अनदेखी करने और बैंक अधिकारियों से अनुचित लाभ लेने के गंभीर आरोप हैं।
  • जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपियों को विलासितापूर्ण लाभ, होटल बुकिंग, महंगे उपहार और कथित ‘मुजरा पार्टियों’ जैसी सुविधाएं पहुंचाई गईं।

समग्र समाचार सेवा
चंडीगढ़, 1 अक्टूबर: हरियाणा सरकार के विभिन्न विभागों और संस्थाओं में सामने आए लगभग 504 करोड़ रुपये के बहुचर्चित कथित बैंक घोटाले (Haryana Bank Scam) की जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपनी सप्लीमेंट्री चार्जशीट के जरिए बड़े खुलासे किए हैं। इस मामले में हरियाणा काडर के छह वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों—साकेत कुमार, आरके सिंह (राम कुमार सिंह), पंकज अग्रवाल, प्रदीप कुमार, विनीत गर्ग और मोहम्मद शाइन को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी के दस्तावेजों के अनुसार, इन अधिकारियों पर निजी बैंकों में सरकारी धन के निवेश के दौरान नियमों की अनदेखी करने, तय वित्तीय सीमाओं से अधिक रकम जमा कराने और बैंक अधिकारियों से कथित रूप से अनुचित लाभ लेने के गंभीर आरोप हैं।

विशिष्ट अधिकारियों पर लगाए गए अलग-अलग आरोप

चार्जशीट के मुताबिक, विभिन्न अधिकारियों की संलिप्तता के अलग-अलग मामले सामने आए हैं:

पंकज अग्रवाल: तत्कालीन आयुक्त एवं सचिव (स्कूल शिक्षा) पर आरोप है कि उन्होंने एक निजी बैंक अधिकारी से होटल में ठहरने, महिलाओं और मनोरंजन जैसी सुविधाएं प्राप्त कीं। जांच एजेंसी का दावा है कि जीरकपुर और मोहाली के विभिन्न होटलों में कथित ‘मुजरा पार्टियों’ और कमरों की बुकिंग का खर्च बैंक अधिकारी रिभव ऋषि द्वारा उठाया गया।

साकेत कुमार: विकास एवं पंचायत विभाग के पूर्व आयुक्त एवं सचिव पर आरोप है कि उन्होंने बैंक खाते खोलने के प्रस्ताव पर बिना कोटेशन मंगाए और वित्त विभाग की मंजूरी के केवल ‘सीन’ लिखकर फाइल पास कर दी तथा HPGCL पेंशन फंड से करोड़ों रुपये निजी बैंक में ट्रांसफर कराए।

आरके सिंह: पंचकूला नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त पर आरोप है कि उनके घर और उनके परिजनों तक बड़ी मात्रा में नकद राशि (लाखों रुपये) पहुंचाई गई। इसके अलावा ब्याज दरों की अनदेखी कर एफडी कराने के भी आरोप हैं।

विनीत गर्ग: हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष पर निवेश मामलों में प्रक्रियागत अनियमितताएं बरतने और दीपावली से पहले सोने के सिक्के प्राप्त करने के आरोप लगाए गए हैं।

मोहम्मद शाइन व प्रदीप कुमार: HPGCL और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुड़े इन अधिकारियों पर भी आईडीएफसी फर्स्ट बैंक को अनुचित लाभ पहुंचाने, समय से पहले एफडी तुड़वाने और ब्याज दरों में हेरफेर कर सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने के आरोप हैं।

जांच के दायरे में होटल रिकॉर्ड, यूपीआई और साक्ष्य

सीबीआई ने अपने दावों के समर्थन में होटल बुकिंग रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, यूपीआई लेनदेन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और गवाहों के बयानों को चार्जशीट का हिस्सा बनाया है। हालांकि, ये सभी जांच एजेंसी द्वारा लगाए गए आरोप हैं और अदालत में इनका कानूनी रूप से साबित होना अभी बाकी है। इस पूरी कार्रवाई के बाद राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में हड़कंप मच गया है।

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