राहुल गांधी ने CEC विवाद पर विपक्ष को एकजुट करने के लिए दी ‘हाई-टी’

मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ जारी आंदोलन को तेज करने के लिए राहुल गांधी के आवास पर जुटीं INDIA ब्लॉक की तमाम घटक पार्टियां, नागरिक समाज और युवा संगठन।

  • विपक्षी एकजुटता की नई रणनीति: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों की भविष्य की रणनीति तय करने के लिए अपने आवास पर विपक्षी नेताओं को ‘हाई-टी’ (High Tea) पर आमंत्रित किया।
  • संयुक्त संघर्ष और दीर्घकालिक आंदोलन: बैठक के बाद विपक्षी दलों ने स्पष्ट किया कि ‘वोट चोरी’ और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर पूरे देश में सड़क से लेकर अदालत तक एक संयुक्त और अनवरत आंदोलन चलाया जाएगा।
  • जंतर-मंतर बैन की निंदा: बैठक में दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर को धरना स्थल से हटाने और विरोध प्रदर्शनों पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों की कड़ी निंदा की गई।

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली, 14 अक्तूबर: देश की राजधानी नई दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गहराता विवाद अब एक बड़े व्यापक जन-आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। सड़कों पर प्रदर्शनों और सर्वोच्च न्यायालय के दरवाजे तक पहुँचने के बाद, विपक्षी ‘INDIA’ ब्लॉक ने अपनी आगे की रणनीति को धार देने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक की। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार शाम को अपने आवास पर विपक्षी सांसदों, नागरिक समाज के प्रतिनिधियों और छात्र कार्यकर्ताओं को ‘हाई-टी’ (High Tea) पर आमंत्रित किया। इस अनौपचारिक लेकिन राजनीतिक रूप से बेहद अहम बैठक का मुख्य उद्देश्य चुनाव आयोग और सरकार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों को और अधिक तेज व एकजुट बनाना था।

‘हाई-टी’ बैठक में जुटीं विपक्षी हस्तियां और प्रमुख मुद्दे

राहुल गांधी के आवास के लॉन में आयोजित इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, तृणमूल कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार), डीएमके, वामपंथी दलों सहित INDIA गठबंधन के तमाम शीर्ष नेता शामिल हुए। गोलमेज बैठकों के इर्द-गिर्द हुई इस चर्चा में नेताओं ने केवल संसदीय रणनीति पर ही नहीं, बल्कि जन-सामान्य को इस आंदोलन से जोड़ने पर विस्तृत मंथन किया। बैठक का मुख्य संदेश यह था कि यह लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और संविधान को बचाने की साझा लड़ाई है।

राहुल गांधी का संबोधन: ‘हमारा एक ही मिशन है, लोकतंत्र की बहाली’

बैठक के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता और अपने बयानों में राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्षी दल पूरी तरह से एकजुट हैं और देश में चल रहे प्रदर्शन अलग-अलग नहीं बल्कि एक ही बड़े आंदोलन का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, “हमारा एक ही मिशन है—भारत में लोकतंत्र की बहाली। चुनाव प्रणाली को जिस तरह प्रभावित करने का प्रयास किया गया है, उसके खिलाफ हमारी यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक कि जवाबदेही तय नहीं हो जाती।” राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भले ही अदालत का रास्ता चुना गया हो, लेकिन राजनीतिक और जमीनी स्तर पर जनता का प्रतिरोध लगातार जारी रहेगा।

जंतर-मंतर को बंद करने और ‘वोट चोरी’ के आरोपों पर घेरा

बैठक के दौरान नेताओं ने दिल्ली पुलिस द्वारा ऐतिहासिक जंतर-मंतर को आधिकारिक धरना स्थल की सूची से हटाए जाने के फैसले की तीखी आलोचना की। सीपीएम नेता एम. ए. बेबी, सीपीआई के डी. राजा और टीएमसी व अन्य दलों के नेताओं ने कहा कि सरकार विरोध की आवाजों को दबाने के लिए लोकतंत्र के मंचों को छीनने की कोशिश कर रही है। नेताओं ने आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और ‘वोट चोरी’ की जा रही है। विपक्षी नेताओं ने संकल्प लिया कि वे दिल्ली ही नहीं, बल्कि देश के हर कोने में जाकर जनता को इस प्रशासनिक ढिलाई और चुनावी हेरफेर के प्रति जागरूक करेंगे।

आगामी रणनीति और व्यापक आंदोलन की तैयारी

इस ‘हाई-टी’ बैठक के बाद यह साफ हो गया है कि विपक्षी गठबंधन आने वाले दिनों में आंदोलन का दायरा और बढ़ाने जा रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP), युवा संगठनों और विभिन्न नागरिक अधिकार समूहों के साथ समन्वय बनाकर देशव्यापी प्रदर्शनों का खाका तैयार किया जा रहा है। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने संकेत दिए कि यह लड़ाई लंबी चलेगी और विपक्ष पूरी ताकत के साथ सरकार व चुनाव आयोग को कटघरे में खड़ा करने के लिए तैयार है। राजधानी में हुए इस उच्चस्तरीय जमावड़े ने केंद्र सरकार पर प्रशासनिक और राजनीतिक दबाव को काफी हद तक बढ़ा दिया है।

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