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बेंगलुरु के कॉनराड पांच सितारा होटल के स्विमिंग पूल में कथित करंट लगने से दो विदेशी नागरिकों की मौत।
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मृतकों में जर्मन एयरलाइन लुफ्थांसा के कर्मचारी और आईबीएम के एक प्रोजेक्ट मैनेजर शामिल।
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बचाव के दौरान एक अमेरिकी पर्यटक और भारतीय पूल कर्मचारी घायल, दोनों अस्पताल में भर्ती।
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पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की; होटल का स्विमिंग पूल 30 नवंबर तक रखरखाव के लिए बंद।
समग्र समाचार सेवा
बेंगलुरु, 31 अक्टूबर :कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के एक प्रतिष्ठित पांच सितारा होटल में शुक्रवार शाम हुए दर्दनाक हादसे में दो विदेशी नागरिकों की कथित तौर पर करंट लगने से मौत हो गई। यह घटना शहर के कॉनराड होटल की तीसरी मंजिल पर स्थित स्विमिंग पूल में हुई। मृतकों में जर्मनी और स्लोवाकिया के नागरिक शामिल हैं। दोनों को बचाने के प्रयास में एक अमेरिकी नागरिक और होटल का भारतीय पूल कर्मचारी भी घायल हो गए।
इस घटना ने देश के लक्जरी होटलों में सुरक्षा मानकों, विद्युत उपकरणों के रखरखाव और आपातकालीन बचाव व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्विमिंग पूल में तैरने गए थे दोनों विदेशी नागरिक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार, 30 अक्टूबर की शाम दोनों विदेशी नागरिक होटल की तीसरी मंजिल पर स्थित स्विमिंग पूल में तैरने गए थे। इसी दौरान कथित रूप से विद्युत करंट की चपेट में आने से दोनों की जान चली गई।
मृतकों की पहचान जर्मनी के 57 वर्षीय अलेक्जेंडर मैक्सिमिलियन थीस (Alexander Maximilian Theiss) और स्लोवाकिया के 45 वर्षीय जुराज होर्वाट (Juraj Horvat) के रूप में हुई है।
अलेक्जेंडर मैक्सिमिलियन थीस जर्मन विमानन कंपनी लुफ्थांसा एयरलाइंस के क्रू सदस्य थे, जबकि जुराज होर्वाट अंतरराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी कंपनी आईबीएम में प्रोजेक्ट मैनेजर के पद पर कार्यरत थे।
दोनों होटल में ठहरे हुए थे। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, हादसे का संभावित कारण बिजली का करंट बताया जा रहा है। हालांकि करंट के वास्तविक स्रोत और तकनीकी कारणों का पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा।
जान बचाने पहुंचे अमेरिकी नागरिक और भारतीय कर्मचारी घायल
हादसे के दौरान स्विमिंग पूल में मौजूद दोनों विदेशी नागरिकों को बचाने का प्रयास किया गया। इस दौरान होटल में ठहरे 41 वर्षीय अमेरिकी नागरिक मैथ्यू डेसेंटिस (Mathew Desantis) और 28 वर्षीय भारतीय पूल कर्मचारी राहुल तिवारी भी घायल हो गए।
दोनों घायलों को तत्काल बेंगलुरु के मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, दोनों की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है।
यह घटना इस बात को भी रेखांकित करती है कि विद्युत दुर्घटनाओं के दौरान बचाव कार्य अत्यंत जोखिमपूर्ण हो सकता है। ऐसे मामलों में विद्युत आपूर्ति बंद किए बिना पानी के संपर्क में आने से बचावकर्ताओं की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, हादसे के कारणों की जांच शुरू
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि स्विमिंग पूल के पानी में कथित रूप से विद्युत करंट कैसे पहुंचा और क्या पूल से जुड़े विद्युत उपकरणों तथा सुरक्षा प्रणालियों में कोई तकनीकी खराबी थी।
इसके अतिरिक्त, यह भी जांच का विषय हो सकता है कि होटल में नियमित विद्युत सुरक्षा परीक्षण, उपकरणों का रखरखाव और आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल का समुचित पालन किया जा रहा था या नहीं।
हालांकि, अभी तक किसी विशेष तकनीकी खराबी अथवा होटल प्रबंधन की लापरवाही की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
30 नवंबर तक बंद रहेगा होटल का स्विमिंग पूल
हादसे के बाद होटल की वेबसाइट पर शनिवार सुबह सूचना जारी की गई कि स्विमिंग पूल 31 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक रखरखाव के लिए बंद रहेगा।
कॉनराड होटल अंतरराष्ट्रीय हिल्टन समूह का हिस्सा है। बेंगलुरु स्थित यह 24 मंजिला लक्जरी होटल शहर के प्रमुख पांच सितारा प्रतिष्ठानों में शामिल है।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, इस होटल में एक सामान्य कमरे का किराया लगभग 25,000 रुपये प्रति रात से शुरू होता है।
समाचार प्रकाशित होने तक होटल प्रबंधन की ओर से हादसे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
पांच सितारा होटलों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल
बेंगलुरु की इस घटना ने आतिथ्य उद्योग में अतिथियों की सुरक्षा को लेकर व्यापक चर्चा की आवश्यकता पैदा की है। विशेषज्ञ सुरक्षा मानकों के अनुसार, स्विमिंग पूल जैसे जलयुक्त स्थानों में विद्युत उपकरणों का नियमित परीक्षण, उचित अर्थिंग, विद्युत रिसाव से सुरक्षा और आपातकालीन विद्युत आपूर्ति बंद करने की व्यवस्था अत्यंत आवश्यक होती है।
विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों और व्यावसायिक यात्रियों की मेजबानी करने वाले प्रतिष्ठानों में सुरक्षा व्यवस्था केवल सुविधाओं की गुणवत्ता तक सीमित नहीं रह सकती।
ऐसे प्रतिष्ठानों में कर्मचारियों को आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण देना और विद्युत दुर्घटनाओं के लिए प्रभावी बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।
निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की आवश्यकता
दो विदेशी नागरिकों की मृत्यु और बचाव के दौरान दो अन्य व्यक्तियों के घायल होने की यह घटना अत्यंत गंभीर है।
अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि दुर्घटना किस तकनीकी कारण से हुई और क्या इसे समय रहते रोका जा सकता था।
यह हादसा एक महत्वपूर्ण चेतावनी है कि किसी भी होटल की वास्तविक प्रतिष्ठा केवल उसकी भव्यता और सुविधाओं से नहीं, बल्कि वहां ठहरने वाले प्रत्येक अतिथि की सुरक्षा सुनिश्चित करने की क्षमता से भी निर्धारित होती है।
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