शिवराज सिंह चौहान की माता का निधन, जैत में अंत्येष्टि

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माताजी श्रीमती काशी बाई का भोपाल एम्स में निधन, पैतृक गांव जैत में मुख्यमंत्री और कई दिग्गजों की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कार।

  • केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माता काशी बाई का निधन।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई नेताओं ने जताया गहरा शोक।
  • पैतृक गांव जैत (सीहोर) में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार।

समग्र समाचार सेवा
भोपाल/सीहोर, 30 अक्तूबर: राजनीतिक और सामाजिक जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। देश के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री तथा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) की पूज्य माताजी श्रीमती काशी बाई (Kashi Bai) का शुक्रवार सुबह भोपाल स्थित एम्स (AIIMS Bhopal) अस्पताल में निधन हो गया. वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थीं और उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक गलियारों, परिजनों और समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई।

माताजी के पार्थिव शरीर को सबसे पहले भोपाल के साकेत नगर स्थित उनके आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां बड़ी संख्या में पहुंचे राजनीतिक दिग्गजों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव सीहोर जिले के जैत ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शीर्ष नेताओं ने व्यक्त किया गहरा शोक

श्रीमती काशी बाई के निधन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने गहरा शोक व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री ने अपने शोक संदेश में कहा कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माताजी का जाना परिवार के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को इस गहरे दुख को सहने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से कामना की।

इसके अलावा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, विभिन्न दलों के वरिष्ठ नेताओं, केंद्रीय मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने भोपाल व जैत पहुंचकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।

पैतृक गांव जैत में हुआ अंतिम संस्कार, मुख्यमंत्री मोहन यादव रहे मौजूद

भोपाल से पार्थिव शरीर को उनके गृहग्राम जैत (जिला सीहोर) लाया गया। निर्धारित समयानुसार दोपहर में पैतृक गांव के श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान स्वयं बेहद भावुक नजर आए। अंतिम यात्रा और अंत्येष्टि कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, कई कैबिनेट मंत्री, विधायक, स्थानीय ग्रामीण और बड़ी संख्या में दूर-दराज से आए लोग शामिल हुए। सभी ने नम आंखों से माताजी को अंतिम विदाई दी।

मां की याद में केंद्रीय मंत्री ने लगाया पौधा

अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपनी माताजी की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संदेश दिया। उन्होंने पैतृक गांव में अपनी दिवंगत मां की याद में एक पौधा (सपलिंग) रोपित किया। इस दौरान उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि पेड़ों से मिलने वाली ऑक्सीजन पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर बनाती है, और इन पेड़ों के साथ ही उनकी माताजी की स्मृतियां भी सदैव हरी-भरी और जीवित रहेंगी।

निष्कर्ष

श्रीमती काशी बाई का पूरा जीवन सादगी, संस्कारों और परिवार को एकजुट रखने की प्रेरणा से परिपूर्ण रहा है। उनके निधन पर देश भर से मिल रहे शोक संदेश यह बताते हैं कि जनसेवा में समर्पित एक साधारण परिवार की मां के रूप में उन्होंने समाज में जो स्नेह और सम्मान पाया, वह सदैव स्मरणीय रहेगा।

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