- गैंगस्टर अबू सलेम के 16.51 लाख रुपये जुर्माने को लेकर सजा पर नया कानूनी विवाद खड़ा हो गया।
- कोर्ट में बहस- क्या जुर्माना न चुकाने पर 18 साल 6 महीने की अतिरिक्त जेल होगी या 25 साल की सीमा लागू रहेगी?
- सलेम का दावा- सुप्रीम कोर्ट ने जुर्माना माफ किया, जेल प्रशासन को आदेश स्पष्ट नहीं; अधिकारी भी असमंजस में।
- 2005 में पुर्तगाल से भारत लाया गया था, दोनों मामलों में सजा एक साथ चल रही है, 2030 में 25 साल पूरे होंगे।
समग्र समाचार सेवा
मुंबई, 12 जुलाई :मुंबई की विशेष अदालत में गैंगस्टर अबू सलेम की सजा को लेकर कानूनी पेंच फंस गया है। 1993 मुंबई ब्लास्ट और बिल्डर प्रदीप जैन हत्याकांड के दोषी सलेम पर कोर्ट ने 16.51 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। अब विवाद यह है कि अगर सलेम यह जुर्माना नहीं भरता है, तो क्या उसे 18 साल 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी या सुप्रीम कोर्ट के 25 साल की सजा सीमा के कारण वह इससे बच जाएगा?
सलेम और नासिक जेल प्रशासन दोनों ने कोर्ट से इस विषय में स्पष्ट आदेश मांगे हैं। जेल प्रशासन का भी कहना है कि न तो कोर्ट के आदेश में और न ही महाराष्ट्र सरकार के पत्र में जुर्माने की माफी का कोई सीधा उल्लेख है।
सलेम ने अपनी अर्जी में कहा कि जेल अधिकारियों को भी पूरी जानकारी नहीं है कि जुर्माना भरना जरूरी है या नहीं।
गौरतलब है कि अबू सलेम को प्रत्यर्पण समझौते के तहत 2005 में पुर्तगाल से भारत लाया गया था। जेल प्रशासन के मुताबिक, दोनों मामलों में मुख्य सजाएं एक साथ चल रही हैं और सलेम 11 नवंबर 2005 से हिरासत में है। सजा 2030 में पूरी होनी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में उसकी रिहाई की याचिका भी खारिज की गई थी।
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