अमेरिका का ईरान पर सबसे बड़ा हमला: तीन न्यूक्लियर साइट्स तबाह, ट्रंप ने किया खुलासा

समग्र समाचार सेवा
वॉशिंगटन/तेहरान, 22 जून: ईरान और इजरायल के बीच जारी युद्ध में अमेरिका ने अब खुलकर हस्तक्षेप कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को खुलासा किया कि अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के तीन प्रमुख न्यूक्लियर ठिकानों—फोर्डो, नतांज और एस्फाहान—पर भीषण बमबारी की है। उन्होंने कहा कि इन हमलों के बाद अमेरिकी वायुसेना सुरक्षित लौट आई।

ट्रंप की चेतावनी: ईरान पलटवार न करे

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है कि वह इस हमले का जवाब देने से परहेज करे। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए आवश्यक थी। वर्षों से ईरान इन तीन साइट्स पर परमाणु हथियार बनाने की दिशा में काम कर रहा था, जिसे अब अमेरिका ने निर्णायक रूप से रोक दिया है।

फोर्डो न्यूक्लियर प्लांट: एक अभेद किला अब खंडहर

फोर्डो प्लांट को ईरान ने एक पहाड़ के नीचे 300 फीट गहराई में बनाया था। इसे दुनिया का सबसे सुरक्षित न्यूक्लियर प्लांट माना जाता था, लेकिन अमेरिकी B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स द्वारा दागे गए GBU-57 MOP बमों ने इस अभेद किले को ध्वस्त कर दिया।

नतांज प्लांट: यूरेनियम एनरिचमेंट का मुख्य केंद्र

नतांज प्लांट में हजारों सेंट्रीफ्यूज के ज़रिए यूरेनियम को परमाणु हथियार के योग्य बनाया जा रहा था। इस अत्यधिक सुरक्षित संयंत्र को भी अमेरिका ने निशाना बनाकर ध्वस्त कर दिया।

एस्फाहान प्लांट: यूरेनियम मेटल और रिएक्टर फ्यूल का गढ़

ईरान के एस्फाहान शहर में स्थित संयंत्र में येलोकेक से यूरेनियम हेक्साफ्लोराइड और फ्यूल रॉड्स बनाए जा रहे थे। इस ठिकाने को भी तबाह कर दिया गया, जिससे ईरान का पूरा परमाणु इंफ्रास्ट्रक्चर चरमरा गया।

B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स: अमेरिका का गुप्त हथियार

इस सैन्य कार्रवाई में अमेरिका ने B-2 स्टील्थ बॉम्बर्स का इस्तेमाल किया, जो जीबीयू-57 बंकर बस्टर बम लेकर उड़ान भरते हैं। ये बम 200 फीट गहराई में मौजूद किसी भी टारगेट को खत्म करने में सक्षम हैं। B-2 स्पिरिट जेट बिना रिफ्यूलिंग के 11,000 किलोमीटर तक उड़ान भर सकता है और किसी भी रडार को चकमा देने में सक्षम है।

 

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