केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नीदरलैंड्स में एएसएमएल मुख्यालय का किया दौरा
वैश्विक चिप उद्योग में भारत की बढ़ती भूमिका, एएसएमएल से साझेदारी पर जोर
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लिथोग्राफी तकनीक को समझने के लिए एएसएमएल मुख्यालय का दौरा
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धोलेरा सेमीकंडक्टर फैब में एएसएमएल उपकरणों के उपयोग की पुष्टि
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मजबूत नीतियों और प्रतिभा आधार से भारत बना वैश्विक निवेश केंद्र
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सेमीकॉन इंडिया 2025 में एएसएमएल ने जताई भारत में साझेदारी की रुचि
समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली/वेल्डहोवेन (नीदरलैंड्स),24 जनवरी: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नीदरलैंड्स के वेल्डहोवेन स्थित विश्व की अग्रणी सेमीकंडक्टर उपकरण निर्माता कंपनी एएसएमएल के मुख्यालय का दौरा किया। यह यात्रा भारत के उभरते सेमीकंडक्टर उद्योग के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
लिथोग्राफी प्रक्रिया पर विशेष जोर
दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने सेमीकंडक्टर उद्योग की दिशा में एक नया अध्याय शुरू किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लिथोग्राफी प्रक्रिया, जिसमें वेफर पर सर्किट प्रिंट किए जाते हैं, पूरी सेमीकंडक्टर निर्माण श्रृंखला की सबसे जटिल और अत्यधिक सटीक प्रक्रिया है।
धोलेरा फैब में एएसएमएल तकनीक का उपयोग
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि धोलेरा स्थित सेमीकंडक्टर फैब में एएसएमएल के अत्याधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एएसएमएल लगभग दुनिया में बनने वाली हर चिप को संभव बनाती है, इसलिए इसकी तकनीक को प्रत्यक्ष रूप से समझना आवश्यक था।
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भारत बना वैश्विक उपकरण निर्माताओं का आकर्षण केंद्र
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुसंगत नीतियाँ, भारत की मजबूत डिजाइन क्षमताएँ और विशाल प्रतिभा आधार के कारण वैश्विक उपकरण निर्माता भारत में निवेश और आधार स्थापित करने के लिए उत्साहित हैं। एएसएमएल का भारत से जुड़ना सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक बड़ा कदम होगा।
एएसएमएल की वैश्विक भूमिका
एएसएमएल एक डच बहुराष्ट्रीय कंपनी है, जो एकीकृत परिपथों के उत्पादन में उपयोग होने वाली फोटोलिथोग्राफी मशीनों के विकास और निर्माण में अग्रणी है। इसकी तकनीक छोटे, तेज और अधिक ऊर्जा-कुशल चिप्स के निर्माण में सहायक है।
सेमीकॉन इंडिया 2025 में दिखाई रुचि
एएसएमएल के प्रतिनिधिमंडल ने सेमीकॉन इंडिया 2025 में भाग लिया था, जहां कंपनी ने भारत की सेमीकंडक्टर यात्रा में भागीदार बनने में गहरी रुचि व्यक्त की थी।

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