असम की पहल आपदा में मदद के लिए लॉन्च हुआ geo-tagged ऐप Helpmonk

  • असम में प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जरूरतमंदों को राहत, बचावकर्मियों, स्वयंसेवकों, एनजीओ, सरकारी एजेंसियों और दाताओं से जोड़ने के लिए मुफ्त मोबाइल ऐप Helpmonk लॉन्च।
  • प्लेटफॉर्म खासकर असम की बाढ़ पर केंद्रित, लेकिन इसे देशभर में बाढ़, भूकंप, चक्रवात, भूस्खलन, आग आदि आपदाओं के लिए तैयार किया गया है।
  • प्रभावित लोग ऐप में लोकेशन, फोटो, जरूरतें व स्थिति साझा कर सकते हैं; इससे राहत एजेंसियां, दानदाता व स्वयंसेवक बेहतर समन्वय कर सकते हैं।
  • फिरिंगोटी (Firingoti) नामक ट्रैवल इनिशिएटिव द्वारा विकसित—वर्तमान बाढ़ संकट के बीच मदद की जरूरत को देखते हुए एक हफ्ते से कम समय में ऐप तैयार।
  • तकनीकी विकास असम मूल के, नई दिल्ली स्थित प्रोफेशनल दिखित राजखोवा ने किया; ऐप में geo-tagging, इमेज अपलोड, वेरिफिकेशन और रीयल-टाइम अपडेट जैसी सुविधाएं।
  • फिरिंगोटी की सह-संस्थापक संगीता बरूआ पिशारोटी ने कहा—यह मानवतावादी पहल है, आपदा के दौरान पत्रकार, शोधकर्ता, नीति नियंता व राहत एजेंसियों के लिए भी फायदेमंद।

समग्र समाचार सेवा 

पलासबाड़ी, 4 अगस्त :असम की एक पहल के तहत आपदाओं में जरूरतमंदों को तुरंत मदद पहुंचाने के लिए Helpmonk नामक भू-टैग्ड डिजिटल ऐप लॉन्च किया गया है।यह प्लेटफॉर्म बाढ़, भूकंप, चक्रवात, भूस्खलन आदि जैसी आपात स्थितियों में पीड़ितों को राहत एजेंसियों, स्वयंसेवकों, एनजीओ और दाताओं से जोड़ने का काम करेगा। Helpmonk ऐप में प्रभावित लोग अपनी लोकेशन, फोटो और जरूरतें साझा कर सकते हैं, जिससे एजेंसियां प्राथमिकता के आधार पर राहत उपलब्ध करा सकें।
फिरिंगोटी के अनूप कुमार बोरुआ ने बताया कि ऐप की आवश्यकता असम के मौजूदा बाढ़ संकट को देखते हुए महसूस की गई।
तकनीकी विकास दिखित राजखोवा ने किया, जो असम के हैं और वर्तमान में नई दिल्ली में रहते हैं।
Free to use, यह ऐप आपदा राहत के हर स्तर—इमरजेंसी से लेकर दीर्घकालिक पुनर्वास—तक मदद करेगा।
डिवेलपर्स ने बताया कि भविष्य में कई नई सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी।

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