सिख गुरुओं के अपमान का आरोप: आतिशी से माफी की मांग, स्पीकर तय करें कार्रवाई – प्रवेश वर्मा

गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर टिप्पणी को लेकर दिल्ली विधानसभा में बढ़ा विवाद

  • गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी दिवस पर टिप्पणी को लेकर विवाद
  • प्रवेश वर्मा ने आतिशी से माफी की मांग की
  • स्पीकर से कार्रवाई और सजा तय करने की अपील
  • भाजपा ने टिप्पणी को सदन की गरिमा के खिलाफ बताया

समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली | 7 जनवरी: दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी द्वारा सिख गुरुओं को लेकर कथित तौर पर असंवेदनशील शब्दों के इस्तेमाल का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए आतिशी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और विधानसभा अध्यक्ष से उचित कार्रवाई की मांग की है।

श्रद्धांजलि के दौरान टिप्पणी पर आपत्ति

बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि मंगलवार को गुरु तेग बहादुर जी के 330वें शहीदी दिवस के अवसर पर विधानसभा में विशेष चर्चा आयोजित की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि जब पूरा सदन श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा था, उसी दौरान नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने चर्चा में दखल देते हुए ऐसे शब्दों का प्रयोग किया, जिससे सिख गुरुओं का अपमान हुआ।

माफी नहीं, सदन से भी गैरहाजिर

प्रवेश वर्मा ने कहा कि आतिशी ने अब तक अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगी है और वह आज विधानसभा की कार्यवाही में भी मौजूद नहीं थीं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर विधानसभा अध्यक्ष को यह तय करना चाहिए कि इस तरह की टिप्पणी पर क्या कार्रवाई होनी चाहिए।

भाजपा विधायकों की तीखी प्रतिक्रिया

इस विवाद पर भाजपा विधायक अरविंदर सिंह लवली ने भी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की शहादत जैसे पवित्र अवसर पर इस तरह की टिप्पणी करना न केवल असंवेदनशील है, बल्कि सदन की गरिमा और धार्मिक भावनाओं के भी खिलाफ है।

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