- बेंगलुरु की डीप-टेक कंपनी Vimag Labs ने ‘वर्चुअल मैगनेट’ तकनीक विकसित कर रेयर-अर्थ मैगनेट के बिना ईवी मोटर निर्माण की दिशा में सफलता पाई।
- यह तकनीक वायरलेस पॉवर ट्रांसफर और सॉफ्टवेयर एल्गोरिद्म्स की मदद से तांबा और स्टील से मोटर बनाती है, जिससे चीन पर निर्भरता खत्म होगी।
- कंपनी के सीईओ मनीष सेठ के अनुसार, वर्चुअल मैगनेट मोटर्स प्रदर्शन, गुणवत्ता और लागत में पारंपरिक मैगनेट मोटर्स के बराबर या बेहतर हैं।
- इस तकनीक का पायलट बैच वर्ष के अंत तक लॉन्च होगा, पहले दोपहिया और तिपहिया वाहनों पर फोकस, फिर कार, बस और ट्रक क्षेत्र में विस्तार।
समग्र समाचार सेवा
बेंगलुरु | 15 जुलाई: भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के बढ़ते कदमों के साथ ईवी उद्योग की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रेयर-अर्थ मैगनेट्स पर चीन की भारी निर्भरता है। लगभग 90-95% रेयर-अर्थ मिनरल्स की प्रोसेसिंग और सप्लाई चीन के हाथ में है, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला बाधित होती रही है। अब बेंगलुरु स्थित डीप-टेक स्टार्टअप Vimag Labs ने इस समस्या का समाधान खोजने का दावा किया है।
Vimag Labs के सह-संस्थापक और सीईओ मनीष सेठ के अनुसार, उनकी ‘वर्चुअल मैगनेट’ तकनीक मोटर में इलेक्ट्रिक फील्ड उत्पन्न कर पारंपरिक रेयर-अर्थ मैगनेट्स की आवश्यकता को समाप्त कर देती है। ये मोटर्स केवल तांबा और स्टील से बनती हैं और प्रदर्शन, रेंज व लागत में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने देतीं। कंपनी ने अपने कोर वायरलेस ट्रांसफर सिस्टम के लिए पेटेंट भी सुरक्षित किया है और कई और पेटेंट प्रक्रिया में हैं।
फिलहाल, यह तकनीक टेस्ट वाहनों में लगाई जा रही है और नियामकीय मंजूरियों के बाद वर्ष के अंत तक 1,000 से 10,000 यूनिट का पायलट बैच बाजार में उतारने की योजना है। शुरुआत दोपहिया और तिपहिया वाहनों से होगी, फिर यात्री कार, बस और भारी-भरकम ट्रकों के क्षेत्र में विस्तार होगा।
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