समग्र समाचार सेवा
पटना,19 मार्च। बिहार कांग्रेस में बड़े स्तर पर संगठनात्मक फेरबदल किया गया है। पार्टी आलाकमान ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह को उनके पद से हटा दिया है। उनकी जगह पर औरंगाबाद जिले के कुटुंबा विधानसभा से विधायक राजेश कुमार को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। कांग्रेस ने इस बदलाव की आधिकारिक पुष्टि करते हुए पत्र जारी कर दिया है।
राजेश कुमार, जो कि बिहार के कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, अब कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालेंगे। 1969 में जन्मे राजेश कुमार एक अनुभवी नेता हैं और उन्होंने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर जीत दर्ज की थी। उनका विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है।
विश्लेषकों का मानना है कि इस बदलाव के पीछे कांग्रेस हाईकमान की बिहार में संगठन को मजबूत करने की रणनीति है। पार्टी को आगामी लोकसभा चुनावों और बिहार विधानसभा में खुद को मजबूती से स्थापित करना है। राजेश कुमार को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस ने दलित समुदाय को भी साधने की कोशिश की है, जिससे पार्टी को सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर फायदा हो सकता है।
हालांकि, इस अचानक बदलाव से बिहार कांग्रेस में हलचल मच गई है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने इस फैसले पर हैरानी जताई है, वहीं कुछ नेताओं का मानना है कि पार्टी को नए नेतृत्व के तहत नए सिरे से खड़ा किया जाएगा।
राजेश कुमार के सामने अब कांग्रेस को बिहार में पुनर्जीवित करने की चुनौती होगी। कांग्रेस को हालिया चुनावों में मिली असफलताओं से उबरने के लिए मजबूत संगठन और सशक्त रणनीति की जरूरत है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राजेश कुमार अपनी नई जिम्मेदारी को किस तरह निभाते हैं और पार्टी को किस दिशा में ले जाते हैं।
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