समग्र समाचार सेवा
नई दिल्ली,23 सितम्बर। भारत के सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों से जुड़े पोर्नोग्राफी कंटेंट के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। सर्वोच्च अदालत ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बच्चों से जुड़े पोर्नोग्राफी सामग्री को देखना, प्रकाशित करना और वितरण करना गंभीर अपराध है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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